सेलीनाल बांध पिछले 14 वर्षो में 12 बार हो चुका है ओवरफलों,किसान कर रहे भराव क्षमता बढ़ाने की मांग

जागरूक टाइम्स 118 Oct 10, 2019

घाणेराव । अरावली पर्वत की तहलटी मे स्थित सेलीनाल बांध में बरसात के पानी की आवक अधिक होने के कारण पिछले 14 वर्षो में यह बांध 12 बार ओवरफलों हो चुका है। वर्तमान में यह बांध ओवरफलों एक माह से अधिक दिनों से चल रहा है। जबकि एक माह ओर यह बांध ओवरफलो चलेगा,जिससे साफ जाहीर होता है कि इस बांध में पानी की आवक सबसे अधिक है। जिसके कारण यह बंाध किसानों व ग्रामीणों के लिए बडा उपयोगी है। ऐसे में पानी आवक को देखते हुए किसान पिछले कई वर्षो से बांध की भराव क्षमता बढाने की मांग कर रहे है। इसको लेकर किसानोंं जल वितरण कमेटी में प्रस्ताव लेकर सरकार को कई बार भेज चुके है।

उल्लेखनीय है कि देसूरी उपखण्ड़ मुख्यालय ऐसे कुछ दुरी पर स्थित अरावली पर्वत की तलहटी में मौजुद सेलीनाल बांध पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्त्रोत है। जिसके कारण इस बांध की भराव क्षमता को लेकर क्ष्ेात्र के लोगो की नजर बराबर लगी रहती है। वैसे तो इस बांध की भराव क्षमता 21 फीट है मगर यह बांध साढे बीस पर ओवरफलों हो जाता है। मगर बांध में पानी की फैलाव क्षमता अधिक होने के कारण के कारण इसमें 12 माह तक पानी भरा रहता है। जिसके कारण आसपास के कुऐं इसके पानी से रिसार्ज होते रहते है।

इतना ही इस बांध से चार कस्बों में पानी की सप्लाई होने के कारण यह बांध पेयजल का मुख्य स्त्रोत है। जिसका मुख्य कारण यह है कि इस बांध में पानी की आवक अधिक होती है। ऐसे में पिछले दस वर्षो में सह बांध नौ बार ओवरफलों हो गया है। जिसका ओवरफलों भी करीब दो माह तक चलता है ऐसे में यह साफ होता है कि इस बांध में पानी की आवक अधिक हो रही है। ऐसे में इसके भराव क्षमता को लेकर कई बार मांग उठ चुकी है। मगर किसी ने भी इस ओर कोई ध्यान नही देने के कारण पानी भी व्यर्थ बहता जा रहा है।

जिसका कोई उपयोग नही हो रहा है। अगर इस बांध की दो फीट भी भराव क्षमता बढा दी जाये तो यह बांध दर्जन भर गांवों के बडा ही उपयेागी साबित हो सकता है। जबकि पानी की आवक अधिक होने के कारण देसूरी क्ष्ैात्र में सबसे पहले यही बांध ओवरफलो होता है। उसके बावजुद इस बांध के भराव क्षमता को लेकर कोई एजेड़ा नही बनाया गया है। वर्षो पूर्व इस बांध की भराव क्षमता को लेकर कार्य शुरू किया गया। मगर बांध के नीचे वाले गांवों के लोगो ने इसका विरोध करने बाद कार्य का बंद कर दिया था। उसके बाद कभी दुबारा इस बांध के भराव क्षमता को बढ़ाने को लेकर कार्य नही किया गया। सेलीनाल बांध में पानी की आवक को देख दो फीट भी इसकी भराव क्षमता को बढ़ा दिया जाता है तो यह बांध क्ष्ेात्र के लोगो के लिए बडा ही उपयोगी साबित होगा।

सेलीनाल बांध 2009 एवं 2018 में नही हो पाया था ओवरफलों
सेलीनाल बांध में पानी की आवक अच्छी होने के कारण वर्ष 2006 से 2019 के बीच 12 बार यह बांध ओवरफलों हो चुका है। मगर 2009 और 2018 में कम बरसात होने के कारण बांध में पानी की आवक होने पर यह बांध ओवरफलो नही हो सका।

दो माह तक बांध का चलता रहता है ओवरफलों
सेलीनाल बांध में अरावली पर्वत की तहलटी में स्थित है। जिसमें अभ्यारण्य में स्थित सुरजकुण्ड से इसमें पानी की आवक होती है। अभ्यारण्य क्ष्ेात्र में बरसात होते ही बांध में पानी की आवक हो जाती है। जिसके कारण यह बांध जल्दी ही ओवरफलों हो जाता है। उसके बावजुद बांध में पानी आवक होती रहती है जिसके कारण करीब दो माह तक इस बांध का ओवरफलो चलता रहता है।

पेयजल व सिंचाई का मुख्य स्त्रोत है
वैसे तो क्ष्ेात्र में स्थित सभी बांध बडे ही उपयोगी है। मगर सेलीनाल बांध का महत्त कुछ अलग ही है क्योकि इस बांध में पेयजल के लिए पानी आरक्षित रखा जाता है। जो चार से पॉच कस्बों में वितरण किया जाता है। इतना ही नही 3000 हजार बीघा भूमि पर सिंचाई होती है।

बांध की भराव क्षमता को लेकर की जा चुकी है मांग
सेलीनाल बांध में पानी की आवक अधिक होती है जिसके कारण यह बांध ओवरफलों भी जल्द हो जाता है। जिसका ओवरफलों भी दो माह के बरीब चलता है। इसके बांध में पानी अधिक आवक को देख इसकी भराव क्षमता बढ़ाने को लेकर कमेटी द्वारा प्रस्ताव विभाग को भेज जा चुके है। ... बाबुलाल माली अध्यक्ष जल वितरण कमेटी सेलीनाल बांध







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