महिला अधिकारी होते हुए भी महिला के लिए नहीं पसीजा दिल

जागरूक टाइम्स 277 May 15, 2019

पाली। प्रदेशभर में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता में रोज दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है ।तो वही इसी कार्यप्रणाली को लेकर कई थाना के अधिकारी पर उच्च अधिकारी द्वारा कठोर कार्रवाई करने के बावजूद भी अभी प्रदेश के थानों में इसका असर नहीं देखा जा रहा है। अभी थाना में आने वाले फरियादियों के साथ पुलिस द्वारा रोब बताते हुए फरियादी कोई दोषी मानकर दुर्व्यवहार करने लगते हैं। ऐसे ही मामला गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर थाने में महिला थाना प्रभारी लता बगड़ के द्वारा उनके थाने में लाए गए एक फरियादी महिला के साथ दुर्व्यवहार कर उसके साथ धक्का-मुक्की तक कर दी गई ।

जब बात गले में आई गई तो महिला थानेदार अपने कुर्सी पर जाकर जम गई और मदद के लिए कोतवाली थाने के प्रभारी को बुलाया गया ।महिला घंटों खाने में बैठकर रोती रही लेकिन महिला थानेदार होने के बावजूद भी महिला ने महिला का दर्द नहीं समझा और उसे ही भला बुरा बोल कर बाहर निकालने तक की हिदायत दे दी तो दूसरी और थानेदार द्वारा जब मीडिया कवरेज करने पहुंचे तो उन्हें भी नही बकसा।

ये था मामला
मामला आदर्श नगर स्थित हरी नारायण अग्रवाल के मकान में एक महिला 7 दिन पूर्वी काम पर लगाई गई थी इसी बीच मकान मालिक का आरोप है कि काम करने वाली महिला ने 7 मई को घर में रखें 50000 रुपये चुरा लिया यह सारी घटना मकान मालिक की बहु किरण अग्रवाल की बेटी ने अपनी आंखों से देखें यह देखते मकान मालिक द्वारा थाने में रिपोर्ट दी गई गुरुवार को इस मामले को लेकर ट्रांसफर नगर थाना प्रभारी लता बगड़ रिपोर्ट देने वाले और काम करने वाली महिला को थाने लाकर बारी बारी से पूछताछ करना शुरू किया।

फरियादी से दुर्व्यवहार
एक बार तो प्रभारी द्वारा काम करने वाली महिला से जनता से पूछताछ की गई तो उसने चोरी करने का मना कर दिया उसके बाद मौजूद रिपोर्ट देने वाले हरी नारायण अग्रवाल की बहू अग्रवाल ने जब थाना प्रभारी लता बगड़ को इस घटना के बारे में पूरी जानकारी दी तो तो थाना प्रभारी खुद अग्रवाल को दोषी मानकर हाथ पकड़कर बाल निकालने लग गई और उसे ही इस मामले में फंसाने की धमकी दे डाली इतना सुनते ही किरण अग्रवाल के आंखों में पानी शुरू हो गया और वह वहीं थाने में बैठ गई ।

मामला बिगड़ा तो मांगी मदद-
जब मामला थाना प्रभारी के हाथ से निकला तो कोतवाली थाना प्रभारी गंगाराम खावा को बुलाकर इस मामले में कुछ मदद करने की सिफारिश की काफी देर तो थाना प्रभारी ने समझे इसकी तो दूसरी ओर लता बगड़ द्वारा फरियादी किरण अग्रवाल के साथ दूरी और करने पर उसके परिजनों ने भी इसका विरोध किया और अग्रवाल वही पर रोना शुरू कर दिया।

नही पीसीजा मन-
लेकिन महिला थाना प्रभारी लता बगड़ महिला का होने के बावजूद भी मन नही पीसीजा तो वो महिला रो रही थी थाना प्रभारी बगड़ आराम से अपनी कुर्सी पर बैठ कर मोबाइल से लगी थी।सिर्फ महिला कांस्टेबल कौशल्या ने अपनी मानवता दिखा उसे शान्त किया।

मीडिया से भी दुर्व्यवहार -
दूसरी ओर जब मीडिया को इस बात की खबर लगी तो थाने पहुंचकर कवरेज करना शुरू किया तो मैडम को देखा नहीं गया उन्होंने अपना गुस्सा मीडिया पर भी उतारा लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी गंगाराम खाबा ने इस मामले को शांत करवाया।

सात दिन पूर्व ही रखा था काम पर-
पीड़ित परिवार का कहना है कि काम करने वाली महिला को 7 दिन पूर्व ही काम पर रखा था जिसने घर में रखे ₹50000 रुपए चोरी कर लिया जबकि पुलिस की ओर से उस महिला से पूछताछ करने के बजाय उन पर ही आरोप लगाकर थाने से बाहर निकलने की धमकी दी जा रही है।वही आरोपी महिला का कहना है कि वो काफी समय से उनके घर के अलावा अन्य जगह भी काम करने जाती है ।उसकी ओर से कोई चोरी नही की गईं है।

महिला थाने को अब याद आई सुरक्षा -
जब चोरी की घटना को लेकर फरियादी ओर आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही तो महिला प्रभारी ने फरियादी पर ही बरस कर बोली उस के पास कोई पैसे नही है न चोरी की ।आपको काम पर रखने से पहले सत्यापन करवाना था ।जबकि की पुलिस का ये काम बनता है कि वो उनके क्षेत्र में रहने वाले लोगो से सम्पर्क में रहे और नए व्यक्तियों कर बारे में एक रजिस्टर के माध्य्म से जानकारी रखे।

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