ग्रेटर फ्लेमिंगो को रास आया जवाई बांध

जागरूक टाइम्स 236 Jul 11, 2020

देसूरी । जवाई बांध छेत्र मैं आये ग्रेटर फ्लेमिंगो जिनके यह फोटो वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर परीक्षित पालीवाल ने अपने कैमरे मैं कैद किये है, इन्होंने बताया की बांध छेत्र मैं हर वर्ष प्रवासी पक्षी आते है, जिनमे ग्रेटर फ्लेमिंगो भी शामिल है, ग्रेटर फ्लमिंगोस का साइंटिफिक नाम "फ़ॉनिकोप्टेरस रोसेस" होता है, यह हल्के गुलाबी रंग क़े होते है यह रंग इनमे कैरोटीनॉयड पिगमेंट से आता है, फ्लेमिंगो खारे पानी के साथ कीचड़ और उथले तटीय लैगून में रहता है। अपने पैरों का उपयोग करते हुए, पक्षी कीचड़ को ऊपर उठाता है, फिर अपने मुँह से पानी चूसता है और छोटे चिंराट, बीज, नीले-हरे शैवाल, सूक्ष्म जीवों और मोलस्क को छानता है। फ्लेमिंगो परिवार की सबसे बड़ी प्रजाति है। यह अफ्रीका में, भारतीय उपमहाद्वीप पर, मध्य पूर्व में और दक्षिणी यूरोप में पाया जाता है। एशिया में कच्छ फ्लेमिंगो के लिए एकमात्र प्रजनन स्थल है, महाराष्ट्र सरकार ने ठाणे क्रीक के पश्चिमी किनारे के क्षेत्र को "ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य" घोषित किया है।


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