अहमदाबाद ग्वालियर सुपर फास्ट के पहिए उतरने के बाद बड़ी घटना होने से रूकी

जागरूक टाइम्स 347 Aug 14, 2019

रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे

मारवाड़ जंक्षन : अहमदाबाद से ग्वालियर की और जा रही गाड़ी संख्या 22548 के मारवाड़ जंक्षन रेलवे स्टेषन के पाॅईन्ट नं. 121 से 123 के बीच अचानक डीजल के पहिए उत्तरने से लोको पायलट ने अपनी सुझबूझ से डीजल को तुरन्त बै्रक लगाकर एक बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया। यह रेलगाड़ी रात्रि 11 बजकर 45 मिनट पर मारवाड़ जंक्षन के प्लेटफाॅर्म संख्या 1 पर प्रवेष करने की तैयारी में थी प्लेटफाॅर्म से लगभग 75 से 100 फीट की दूरी पर ही डीजल के पहिये उतरजाने से लोको पायलट ने तुरन्त कन्ट्रोल को इसकी सूचना मिलते ही तुरन्त मौके पर पहंुचे और अजमेर से उच्चाधिकारी दुर्घटना स्पेषल गाड़ी से तुरन्त मारवाड़ जंक्षन के लिए रवाना हो गये।

मारवाड़ जंक्षन अधिकारियों ने मौके पर मुआयना कर कन्ट्रोल को सूचना दी जिसके बाद आबुरोड़ से एक विषेष ट्रेन क्रेन के साथ तुरन्त रवाना हो गई। क्रेन की गाड़ी व अजमेर के अधिकारियों के मारवाड़ जंक्षन पहुंचने से पहले मारवाड़ जंक्षन के अधिकारियों ने आउवा रेलवे स्टेषन से मालगाड़ी के डीजल को ग्वालियर गाड़ी के यात्री कोचों को प्लेटफाॅर्म 2 पर लाने के रेलयात्रियों के सभी कोच के रैंक को लेकर प्लेटफाॅर्म 2 पर सुरक्षित खड़ा किया गया।

रेलयात्रियों की सुविधाओं के लिए रेलवे प्रषासन ने तुरन्त प्लेटफाॅर्म 1 से 3 तक की सभी खाद्य व पेयजल स्टाॅलों को खुलवा दिया गया, हालांकि डीजल पायलट की समझदारी से लगाये गये ब्रेक की वजह से डीजल के पीछे लगे सभी कोच के रेलयात्रियों को डीजल के पटरी से उतरने का एहसास तक नहीं हुआ इसलिए कई रेलगाड़ी तो नींद में होने की वजह से इस घटना को महसुस नहीं कर पाये।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुरानी गाड़ियो में पहले आई.सी.एफ. कोच लगते थे जो कि दुर्घटना होते ही कोच एक दुसरे के ऊपर चढ़ जाते थे, परन्तु अब वर्तमान में रेलवे द्वारा लगाये गये नये रैंक एल.एच.बी की तरह बने होने से दुर्घटना के होते ही रेलवे लाईनों पर जाम हो जाते है। नये रैंक होने की वजह से भी बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

आबुरोड़ से राहतकार्य स्टेषन ट्रेन भी सूचना के बाद लगभग 2 घण्टे में मारवाड़ जंक्षन पहुंच गई व इधर अजमेर मण्डल के उच्चाधिकारी अपर रेल मण्डल प्रबधंक आदित्य मंगल (आॅपरेषन) वरिष्ठ मण्डल यांत्रिक इंजिनियर डी. बालाजी वरिष्ठ मण्डल, इंजिनियर, पंकज सोईन मण्डल यांत्रिक इंजीनियर एन.के. वर्मा सहित अने अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये। रेलवे अधिकारियों की उपस्थित में जैक लगाकर क्रेन के माध्यम से डीजल के पहियो पटरियों से उतरने के बाद रेलयात्री कोच के सम्पूर्ण रैंक को प्लेटफाॅर्म 2 पर खड़ा करने के बाद मालगाड़ी के डीजल को रैंक में लगाकर रात्रि 2.55 बजे ग्वालियर के लिए रवाना किया गया जिससे यात्रियों को परेषानी ना हो।

डीजल से पहिए उतरने की होगी जांच
इस रेलगाड़ी के डीजल के पहिए उतरने को लेकर अभी तक यह बताया जा रहा है कि जब किसी भी रेलगाड़ी के सिग्नल हो जाते है तो लाईनों की कैंची वही रेलवे ट्रेक पर जाम हो जाती है, इस रेलगाड़ी के सिग्नल प्लेटफाॅर्म पर प्रवेष करने के सिग्नल होने के बाद ग्वालियर गाड़ी के प्लेटफाॅर्म पर पहुंचने की तैयारी की जानकारी के संकेत अब तक की जांच में आये है, परन्तु कैंची जाम होने के बाद डीजल के पहिए पटरी से कैसे उतरे यह अब जांच के बाद ही पता चलेगा। ऐसी भी जानकारी है कि डीजल के आगे कैमरे लगे रहे इनकी जांच के लिए आबुरोड़ भेजा जा सकता है जिससे डीजल के पहिए पटरी से उतरने की जानकारी मिल सकेगी।

मारवाड़ जंक्षन के यह अधिकारी रहे उपस्थित
वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर आर.आर.मीणा, सीनियर सैक्षन इंजीनियर वी.के. पाण्डेय, स्टेषन प्रबंधक राजुलाल धवन, पी.डब्ल्यू.आई. अषोक गुप्ता, नवल किषोर हल्दानिया सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

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