KBC में जाने वाले रेलकर्मी को थमाई गई चार्जशीट, 3 साल का इंक्रीमेंट भी रोका

जागरूक टाइम्स 364 Aug 30, 2021

कोटा. कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में अमिताभ बच्चन के सामने कोटा रेल मंडल के स्थानीय खरीद अनुभाग के कार्यालय अधीक्षक देशबंधु पांडे को जाना महंगा पड़ गया है. उन्हें रेलवे प्रशासन ने चार्जशीट थमा दी है. साथ ही 3 साल के लिए उनकी वेतन वृद्धि को भी रोक दिया है. रेलवे प्रशासन की कार्रवाई का कर्मचारी संगठन विरोध कर रहे हैं. वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिद ने कहा है कि पांडे के साथ रेल प्रशासन ने ठीक नहीं किया है. मजदूर संघ पांडे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेगा.

केबीसी में भाग लेने के लिए कोटा डिवीजन के रेल कर्मचारी देशबंधु पांडे 9 से 13 अगस्त तक मुंबई में थे. इसके लिए पांडे ने अधिकारियों को अवकाश की सूचना दी थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा पांडे के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया गया. इसके बाद पांडे बिना छुट्टी के ही केबीसी की शूटिंग के लिए मुंबई चले गए. पांडे ने केबीसी में 3 लाख 20 हजार रुपए जीते, लेकिन उन्हें यह महंगा पड़ गया है. पांडे चार्टशीट को लेकर इतना डरे हुए हैं कि वह कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं.

रेलवे कर्मचारी पांडे के मुंबई से लौटने पर 18 अगस्त को उन्‍हें चार्जशीट थमा दी गई. 3 साल के इंक्रीमेंट बंद करने के आदेश भी जारी कर दिए गए. चार्जशीट मिलने के बाद इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई से केबीसी में इनाम जीतने की खुशी काफूर हो गई. इस बात से पांडे व उनका परिवार तनाव में हैं. केबीसी में भाग लेना नुकसान भरा साबित हुआ. तीन साल का इंक्रीमेंट रोक दिया गया है. तीन साल में करीब डेढ़ लाख रुपए का घाटा होना निश्चित है. केबीसी में पांडे को 3 लाख 20 हजार रुपए मिले हैं. इस राशि में से टैक्स भी कटेगा.

चार्जशीट में लिखा है कि बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही आप 9 से 13 अगस्त तक गायब रहे. आपका यह रवैया काम के प्रति लापरवाही को दर्शाता है. ऐसे में आप पर कार्रवाई की जानी चाहिए. अधिकारियों ने इस चार्जशीट में पहले से ही 13 अगस्त तक का जिक्र कर दिया. यह तभी संभव है जब अधिकारियों को पता हो कि कर्मचारी 13 अगस्त तक नहीं आएगा. इसका मतलब है पांडे ने 13 अगस्त तक अवकाश मांगा था, जिसे स्‍वीकृत नहीं किया गया.

समर्थन में रेलवे यूनियन
कर्मचारी संगठन रेलकर्मी के प्रति रेलवे के रवैए से सहमत नहीं दिखे. वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिद ने कहा कि उचित कारण हो तो कार्मिकों को छुट्टी जरूर दी जानी चाहिए. केबीसी में भाग लेना ऐसा कारण नहीं है, जिसके लिए रेलवे को छुट्टी देने में कोई आपत्ति हो. रेलवे को तो इस पर गर्व होना चाहिए, ताकि अन्य प्रतिभाएं भी प्रोत्साहित हो सके. इसके उलट अधिकारी सम्मान तो दूर चार्जशीट थमा कर कर्मचारियों का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं. संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है, जब किसी कर्मचारी ने केबीसी में भाग लिया हो. हालांकि, यह पहला मामला है, जब सम्मान की जगह कर्मचारी को चार्जशीट थमाई गई.


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