गुढ़ा बांध के दस गेट खोलकर की जल निकासी

जागरूक टाइम्स 6311 Sep 20, 2021

कोटा. हाड़ौती अंचल में रविवार को भी मानसून मेहरबान रहा। बूंदी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते हाड़ौती का गोवा कहने जाने वाले गुढ़ा बांध के 10 गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। ऐसे में अलोद, चेता, बीचड़ी गांव में एक-एक फीट पानी भर गया। बूंदी शहर में रात से ही बारिश होने से जैतसागर झील के 6 गेट व नवल सागर में 4 गेट खोले गए। इससे शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया। नैनवां रोड से शहर में आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बूंदी में 68, तालेड़ा में 108, केशवरायपाटन में 45, इन्द्रगढ़ में 7, नैनवां में 5, हिण्डोली में 23 एमएम बारिश दर्ज की गई।

ये मार्ग रहे बंद
घोड़ा पछाड़, मेज नदी व तालेड़ा नदी के उफान पर आने से अकतासा-तालेड़ा मार्ग, धोवड़ा-बूंदी मार्ग, दबलाना-बूंदी मार्ग, चेता-बड़ानयागांव मार्ग, नमाना श्यामू मार्ग, नमाना-बूंदी मार्ग सुबह से ही बंद रहे।

कालीसिंध के दो व छापी का एक गेट खुला
झालावाड़ जिले में दिनभर बादलों की आवाजाही रही। कालीसिंध के दो गेट खोलकर 24 हजार 770 क्यूसेक, छापी बांध का एक गेट खोलकर 2802.95 क्यूसेक, पिपलाद बांध का एक गेट खोलकर 334.75 क्यूसेक, राजगढ़ बांध का एक गेट खोलकर 6386.57 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। अकलेरा व पिड़ावा में एक-एक एमएम बारिश दर्ज की गई। शनिवार को कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने से जो नदियां उफान पर चल रही थी, उनमें पानी की आवक कम हो गई। इससे बंद मार्गों पर वापस आवागमन शुरू हो गया। झालावाड़ में अब तक 1052.12 एमएम बारिश हो चुकी है। बारां जिले में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।

कोटा में रिमझिम, खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग भी बंद
कोटा शहर में दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर बाद रिमझिम बारिश हुई। उसके बाद फिर शाम 6 बजे नए कोटा के कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 3.7 एमएम तथा बीते 24 घंटे में 41.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। कोटा में इस मानसून सीजन की अब तक 1130.6 एमएम बारिश दर्ज हो चुकी है। जिले के खातौली स्थित पार्वती नदी में सुबह पानी की आवक के चलते कोटा-श्योपुर मार्ग दिनभर बंद रहा। सुबह ढीपरी कालीसिंध नदी पुल पर पानी होने से कोटा से आने वाली बसें खातौली नहीं पहुंच सकी। शाम तक पार्वती नदी के जल स्तर में गिरावट नहीं होने से देर शाम तक पुल पर पानी का जल स्तर तीन फीट बना हुआ था। वहीं खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग चंबल झरेल पुल पर पानी की आवक के चलते ढाई माह से बंद है।

राणाप्रताप सागर बांध डेढ़ फीट खाली
इधर, कोटा बैराज का एक गेट खोलकर 1256 क्यूसेक पानी की निकासी जारी है, जबकि चम्बल पर बने सबसे बड़े गांधीसागर 1312 फीट भराव क्षमता से सात फीट खाली है। राणाप्रताप सागर बांध भराव क्षमता 1157.50 फीट के मुकाबले डेढ़ फीट खाली है। जवाहर सागर बांध 980 फीट के मुकाबले जलस्तर 972.20 फीट बना हुआ है। यहां पनबिजलीघर से विद्युत उत्पादन कर 1593 क्यूसेक पानी की निकासी जारी है।

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