सीमा पर फिर खुलेंगी बरसों से बंद चौकियां

जागरूक टाइम्स 472 Jun 25, 2018

- सुरक्षा इंतजाम होंगे और पुख्ता, केंद्रीय गृहमंत्री ने दी सहमति

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अब सुरक्षा के इंतजाम और पुख्ता होंगे। पिछले कई बरसों से बंद पड़ी खुफिया चौकियों को वापस शुरू करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी सहमति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस संबंध में गृह मंत्रालय का पत्र राज्य सरकार के पास पहुंच चुका है।

मंत्रालय ने सहमति देने के साथ पांच सवाल भी प्रदेश सरकार से पूछे है। उनके जवाब के बाद ही बंद पड़ी चौकियां वापस शुरू की जाएगी। इस संबंध में पूर्व में प्रदेश के गृहमंत्री रहे गुलाबचंद कटारिया ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। राजस्थान से पाकिस्तान की 3323 किमी सीमा लगती है।

सीमा पर अवांछनीय गतिविधियों की सूचना एकत्र करने के लिए पूर्व में बॉर्डर इंटेलीजेंस की चौकियां स्थापित की गई थी। बॉर्डर क्षेत्र के चार जिलों जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में करीब 40 चौकियां स्थापित की गई थी। बाद में वर्ष 1995 और 2009 में इनमें से 17 चौकियां बंद कर दी गई थी।

इन चौकियों केे बंद होने से खुफिया एजेंसियों को सीमा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि की महत्वपूर्ण जानकारी मिलना बंद हो गई। बदलते परवेश में खुफिया एजेंसियों को इनकी आवश्यकता महसूस हुई। इस पर राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेज इन चौकियों को फिर से शुरू करने की अनुमति मांगी। 

144 पदों की है मांग 
समय की जरूरत देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एक मार्च 2017 को बंद चौकियों को पुन: शुरू करने और 7 नई चौकियों सहित 24 चौकियां स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था। उस पर अब सहमति मिल पाई है। पूर्व में स्थापित की गई चौकियों के कार्यालय पुलिस के पास संरक्षित है लेकिन चौकियों के लिए 144 पदों की मांग की जा रही है और इन चौकियों को शुरू करने पर सालाना साढ़े चार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। गृह मंत्रालय ने सरकार को भेजे सहमति पत्र में जिन पांच बिंदुओं पर जवाब मांगा है, उनमें इन चौकियों के संचालन का खर्चा और इसकी जरूरत से जुड़ें जवाब भी मांगे गए है।

जासूसी पर लगेगी रोक
भारत-पाकिस्तान के बीच बाड़मेर होते हुए जोधपुर से थार एक्सप्रेस शुरू होने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एक बार फिर नए सिरे से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपना नेटवर्क तैयार करने में जुट गई।

यही कारण रहा कि गत तीन वर्ष में जोधपुर व जैसलमेर में बीस से अधिक लोगों को जासूसी के आरोप में खुफिया एजेंसियों ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों में से अधिकांश सीमा क्षेत्र के निवासी थे। वर्ष 2017 में बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा होने के बाद बड़ी शिद्दत से सीमा क्षेत्र में बॉर्डर इंटेलीजेंस चौकियों की कमी महसूस होने लगी।

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