महाराष्ट्र व गुजरात में ठगी की वारदातें कर जोधपुर पहुंचे ठग को पुलिस ने पकड़ा

जागरूक टाइम्स 930 Oct 26, 2018

- हैकिंग से जेवर खरीदकर भागने से पहले आया पकड़ में

- फर्जी बैंक आईडी से आरटीजीएस करा दो लाख के जेवर खरीदे

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

ज्वैलरी शोरूम से लाखों रुपए के आभूषण खरीदने के बाद आरटीजीएस के मार्फत बैंक के नाम से ज्वैलर के मोबाइल पर भुगतान जमा होने का संदेश भेजने वाला एक हैकर पुलिस की सक्रियता से पकड़ा गया। 

सरदारपुरा थानाधिकारी कैलाश पारीक के अनुसार मूलत: रायगढ़ (महाराष्ट्र) हाल मुम्बई निवासी घराड़े हुजेफा मोहम्मद (19) पुत्र हनीफ महाराष्ट्र व गुजरात में ठगी की कई वारदातों में साढ़े तीन लाख से अधिक रुपए बटोरने के बाद गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे विमान में मुम्बई से जोधपुर पहुंचा। होटल में ठहरने के बाद मराठी भाषी हुजेफा सरदारपुरा बी रोड पर अनंत गोल्ड पैलेस शोरूम पहुंचा और 1.95 लाख रुपए के आभूषण खरीदे और आरटीजीएस के मार्फत भुगतान का आग्रह किया। व्यापारी की सहमति पर आरोपी ने अपने मोबाइल से व्यापारी के मोबाइल पर बैंक के नाम मैसेज भेजा। इसमें लिखा था कि 1.95 लाख रुपए उसके बैंक खाते में जमा हो गए है। मैसेज मिलने के बाद आरोपी युवक आभूषण लेकर रवाना हो गया। कुछ देर बाद व्यापारी को 'एररÓ का एक और मैसेज मिला तब उसे अंदेशा हुआ। उसने बैंक से सम्पर्क किया तो पता चला कि उसके खाते में आरटीजीएस से कोई राशि जमा नहीं हुई। इस पर व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी और आरोपी का हुलिया भी बताया। पुलिस ने तत्काल सरदारपुरा बी व सी रोड तलाश शुरू कर दी और शाम को बी रोड स्थित राज लक्ष्मी ज्वेलर्स पर खरीदारी कर रहे हुजेफा को हिरासत में ले पूछताछ की और ठगी की वारदात स्वीकार करने पर गिरफ्तार कर लिया।

व्यापारियों को किया सचेत

अनंत गोल्ड पैलेस से पहले वह चार दुकानों पर गया लेकिन ठगी करने में सफल नहीं हुआ। पुलिस ने ठगी की वारदात की सूचना मिलते ही व्यापारियों को अपने वाट्सएप ग्रुप में मराठी बोलने वाले युवक का हुलिया बताते हुए सचेत रहने के संदेश भिजवाए।

सर्च किए थे ज्वेलरी शोरूम

आरोपी ने महाराष्ट्र के वापी में 80 हजार, मुम्बई में 85 हजार व एक लाख रुपए सहित कुल 3.57 लाख रुपए की ज्वेलरी ठगना स्वीकार किया है। एक वारदात गुजरात में करने के बाद जोधपुर आ गया। उसने इंटरनेट पर जोधपुर में ऐसी जगह तलाश की जहां ज्वेलरी के कई शोरूम हों। आरोपी इंटरनेट हैकर है। उसने इंटरनेट की मदद से खुद की फर्जी आइडी बना रखी है। इसकी मदद वह चाहे जिस बैंक के नाम से आरटीजीएस और एनईएफटी के संदेश भेज सकता है। ऐसे संदेश मिलते ही व्यापारी आसानी से विश्वास कर लेते थे।

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