चरित्र पर संदेह के चलते की पत्नी की हत्या, जमीन में गाड़ा शव

जागरूक टाइम्स 287 Jun 20, 2018

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र से करीब एक माह पहले गुमशुदा महिला की हत्या करने का सनसनी मामला सामने आया है। उसके पति ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया था। पुलिस ने महिला का कंकालनुमा शव पाली जिले में जैतारण के एक गांव से बरामद किया है। आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। पुलिस ने पति व उसके चचेरे भाई को हिरासत में लिया गया है।

डीसीपी (पश्चिम) समीर कुमार सिंह ने बताया कि गत 15 मई को पुलिस थाना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में पाली जिले के जैतारण थानान्तर्गत खेड़ा राजगढ़ निवासी पूनाराम पुत्र मोहन मेघवाल ने एक रिपोर्ट पेश की थी कि उसकी पत्नी मोहरकी तीन लड़कियों व एक लड़के के साथ बिडला स्कूल के पास किराये के मकान में रहती है। वह13 मई को बच्चों को जैतारण जाने का कहकर निकली थी लेकिन वह जैतारण स्थित उसके घर नहीं पहुची और ना ही वापस जोधपुर लौटी। इस पर पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी।

विशेष टीम ने की जांच
गुमशुदा मोहरकी की तलाश के लिए डीसीपी समीर कुमार सिंह ने एसीपी सुश्री स्वाति शर्मा के सुपरविजन में सीआई देवेन्द्रसिंह, एसआई गणपतलाल, हैड कांस्टेबल पेमाराम व शकील खां, कांस्टेबल स्वरूपाराम, शैलेन्द्रसिंह, भागीरथसिंह, गणपतलाल की विशेष टीम गठित की। टीम ने गुमशुदा मोहरकी के सम्पर्क में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। तब यह तथ्य सामने आया कि 13 मई को मोरहकी जोधपुर से बरा द्वारा जैतारण के लिए रवाना हुई थी।

इसकी सूचना उसके पति पूनाराम व जेठ बुद्धाराम को उसने फोन करके दी थी लेकिन वह अपने घर जैतारण नहीं पहुंची। पूछताछ में उसके पति ने यह अंदेशा जताया कि मोहरकी जोधपुर निवासी कई युवकों के सम्पर्क में थी। उनमें से ही किसी के साथ कहीं भाग कर चली गई है। टीम ने कई बार जैतारण जाकर गुमशुदा की तलाश की तथा सूचना एकत्र की। 

सोमवार को थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह के नेतृत्व में पुन: तलाश के लिए टीम जैतारण भेजी गई। टीम ने जैतारण पहुंचकर पूर्व एकत्रित सूचनाओं के आधार पर गुमसुदा मोहरकी के रिश्ते में जेठ खेड़ा रामगढ़ निवासी बुद्धाराम पुत्र केसारम मेघवाल निवासी से सघन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बुद्धाराम ने बताया कि मोहरकी व उसका पति पूनाराम के आपस में नहीं बनती थी। मोहरकी व पूनाराम काफी समय से अलग रह रहे थे।

मोहरकी का चाल-चलन अच्छा नहीं था। अब वह अपनी बड़ी बेटी को भी गलत धंधे में डालना चाहती थी जिस कारण समाज में बदनामी हो रही थी। गत 13 मई को जब मोहरकी के जैतारण आने का पता चला तो बुद्धाराम व पूनाराम ने सोचा कि उसका काम तमाम कर देंगे तो उन पर कोई शक नहीं करेगा और पुलिस इसके सम्पर्क वाले व्यक्तियों के साथ भाग जाने का अंदेशा करेगी।

इस तरह की हत्या
मोहरकी के जैतारण पहुंचने पर पूनाराम उसे अस्पताल से मोटर साइकिल पर बैठा कर बाइपास के पास स्थित नई कॉलोनी में लेकर गया। वहां दोनो ने बैठकर शराब व बीयर पी। कुछ समय बाद जब मोहरकी को नशा हो गया तो बुद्धाराम भी वहां पहुंच गया। फिर दोनों में मोहरकी को पकड़कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी और उसका शव वहीं कॉलोनी में एक स्थान पर गाड़ कर मिट्टी डाल दी। जोधपुर से पहुंची पुलिस ने मंगलवार को शव को जैतारण एसडीएम से आदेश प्राप्त कर हासिल किया। दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

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