हाईकोर्ट ने नाबालिग को दी गर्भपात करवाने की मंजूरी

जागरूक टाइम्स 212 Jun 20, 2018

प्रदेश का पहला मामला: माता-पिता की अंडरटेकिंग के साथ उम्मेद अस्पताल में होगा गर्भपात, 21 माह का है गर्भ

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स
नाबालिग के गर्भवती के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट एकलपीठ द्वारा रैफर की गई याचिका पर जस्टिस संदीप मेहता व डॉ. पीएस भाटी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए पीडि़ता को गर्भपात करवाने की मंजूरी दी है। नाबालिग द्वारा विधिक प्रावधानों के अनुसार गर्भपात करवाने का आग्रह किया गया था। इसके साथ ही नाबालिग ने याचिका में यह भी मांग की थी, कि यह संभव नहीं हो पाता है तो उसे होने वाले बच्चे के भविष्य व कल्याण के लिए अप्रार्थी से 50 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाया जाए। इस पर पिछले दिनों जस्टिस विनीत कुमार माथुर की एकलपीठ ने मामले से जुड़ी याचिका को रैफर करते हुए खंडपीठ के पास भेज दिया था।

इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में जस्टिस संदीप मेहता एवं जस्टिस पीएस भाटी की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास को निर्देश दिए थे कि नाबालिग का जोधपुर में ही मेडिकल बोर्ड से मेडिकल करवाया जाए। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को कोर्ट के समक्ष मंगलवार को पेश किया जाए। इसके बाद चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड ने मंगलवार को हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर बताया कि नाबालिग के 21 सप्ताह का गर्भ है। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में नाबालिग के स्वयं के आग्रह को स्वीकार करते हुए तथा माता-पिता की अंडरटेकिंग के साथ पीडि़ता के गर्भपात की अनुमति दी गई है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उक्त मामले में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में माता-पिता की मौजूदगी के तहत नाबालिग का गर्भपात करवाने के आदेश पारित किए है। अब नाबालिग का गर्भपात शहर के जनाना विंग उम्मेद अस्पताल में किया जाएगा।

सरकार ने भी किया था बिल पेश
नाबालिग के गर्भवती होने के मामलों में सरकार द्वारा 24 सप्ताह तक के गर्भपात करवाने को लेकर बिल पेश किया गया है। फिलहाल अभी इस बिल पर कोई निर्णय नहीं आया है लेकिन सरकार ने भी एेसे मामलों को लेकर बिल जरूर पेश किया गया है।

हाईकोर्ट का निर्णय एेतिहासिक
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एक एेतिहासिक निर्णय दिया है जिसमें कोर्ट ने नाबालिग की भावनाओं को समझ कर उसके नाबालिग होने पर उसके माता-पिता के गार्जनशिप के नाते अंडरटेकिंग लेकर नाबालिग को गर्भपात की अनुमति दी है। यह पूरे राजस्थान में अपने आपमें एक अनूठा फैसला होने के साथ ही पहला मामला है।

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