मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन भी कई कार्यक्रमों में लिया भाग

जागरूक टाइम्स 248 Jun 22, 2018

उम्मेद उद्यान स्थित सरदार राजकीय संग्रहालय का किया अवलोकन, लोकतंत्र सेनानियों के प्रदेशव्यापी सम्मेलन में लिया भाग

जोधपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने दो दिवसीय जोधपुर दौरे के दौरान शुक्रवार को भी दूसरे दिन कई कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने उम्मेद उद्यान स्थित सरदार राजकीय संग्रहालय का अवलोकन किया। वहीं लोकतंत्र सेनानियों के प्रदेशव्यापी सम्मेलन में भी भाग लिया। उनसे मिलने के लिए आज भी लोगों का तांता लगा रहा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार से जोधपुर में है। वे यहां सर्किट हाउस रोड स्थित अजीत भवन में रूकी हुई है। उनसे मिलने के लिए आज सुबह से ही लोगों की अजीत भवन के सामने भीड़ एकत्रित हो गई थी। उनसे मिलने वालों का यहां तांता लगा रहा। मुख्यमंत्री ने सुबह उम्मेद उद्यान स्थित सरदार राजकीय संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने म्यूजियम के मॉडल को बारिकी से समझा व सुधार के लिए सुझाव भी दिए।

मुख्यमंत्री के साथ केन्द्रीय राज्य मंत्री पीपी चौधरी और गजेन्द्र सिंह शेखावत, वन मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर, राज्यसभा में मुख्य सचेतक नारायण पंचारिया, महापौर घनश्याम ओझा सहित पार्टी के कई नेता उपस्थित थे। बता दे कि राज्य सरकार की 2015-16 की बजट घोषणाओं की अनुपालनार्थ इस संग्रहालय का नवीनीकरण, संरक्षण व जीर्णोद्धार कार्य करवाए गए है तथा संग्रहालय के विस्तारीकरण कर नवीन कला दीर्घाओं को तैयार किया गया है।

अब यह एक बड़ा राजकीय संग्रहालय है। खासियत यह है कि इस म्यूजियम में मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर के उपवन की खुदाई के समय भूगर्भ से मिली सातवीं और आठवीं शताब्दी की गोलाकार चांदी की 30 छोटी छोटी मुद्राएं भी सुरक्षित है।

लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लोकतंत्र रक्षा मंच राजस्थान की ओर से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यकर्ता सम्मेलन में भी भाग लिया। मंच के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र गहलोत व प्रदेश महामंत्री देवराज बोहरा सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया।

इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने वसुंधरा से मांग की कि जो सुविधाएं स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को मिल रही है, वे सारी सुविधाएं लोकतंत्र सेनानियों को भी मिलें। कारण कि ये लोकतंत्र सेनानी भी 1975 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से लगाई इमरजेंसी में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए थे। आगामी 25 जून को आपातकाल कालखंड की 44वीं बरसी भी है।

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