जैसलमेर से राईकाबाग जोधपुर रेलवे मार्ग के बीच इलाज के लिए कहीं शुक्रवार का, तो कहीं ट्रेन का इंतजार

जागरूक टाइम्स 262 Sep 13, 2019

जैसलमेर : प्रदेष के पष्चिमी क्षेत्र में रेलवे विभाग कमाई के लिहाज से काफी आगे बढ रहा है, लेकिन यहां कार्यरत रेलवे कार्मिकों के स्वास्थ्य को लेकर किसी का ध्यान ही नहीं है। रेलवे से जुडे कार्मिकों का स्वास्थ्य रामभरोसे ही है। गौरतलब है कि उतर पष्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अधीन आने वाले जैसलमेर से राईकाबाग जोधपुर रेलवे मार्ग के बीच आने वाले स्टेषनों पर चिकित्सा सुविधाओं का जिम्मा फलोदी में केवल एक ही अस्पताल के भरोसे है। यहां भी केवल एक ही चिकित्सक की नियुक्ति की हुई है। ऐसे में दुर्भाग्यवष रेल हादसा हो जाने की स्थिति में होने वाली परेषानियों को समझा जा सकता है।

जैसलमेर रेलवे स्टेषन पर नियुक्त कार्मिको के रहने के लिए क्वार्टर बनाकर काॅलोनी तो बसा दी, लेकिन उन्हें चिकित्सा सुविधा के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया है। जैसलमेर की रेलवे काॅलोनी में रहने वाले कार्मिकों व उनके परिवारजन को चिकित्सा सेवाओं के लिए शुक्रवार का इंतजार करना पडता है। जैसलमेर रेलवे काॅलोनी में रहने वाले स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को एक चिकित्सक इंटरसिटी से जैसलमेर पहुंचते है और शाम को इंटरसिटी से वापस अपने मुख्यालय पहुंच जाते है।

जैसलमेर-राईकाबाग रेलवे मार्ग पर बने रेलवे स्टेषनों में से जैसलमेर तक के रेल कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए रेलवे की ओर से नियुक्त चिकित्सक सप्ताह में एक बार अपनी सेवाएं देते है। इनमें जैसलमेर, पोकरण, रामदेवरा व ओसियां में सप्ताह में एक बार और फलोदी स्टेषन पर सप्ताह में दो बार रेलवे के चिकित्सक अपनी सेवाएं देने के लिए आते है।

जानकारी के अनुसार इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव वाले स्टेषनों पर चिकित्सक रेलकार्मिकों के स्वास्थ्य की जांच ट्रेन में ही कर देते है। वे कार्मिकों की बीमारी अनुसार उन्हें बीमारी की पर्ची व कुछ आवष्यक दवाइयां भी ट्रेन में ही दे देते है।
जैसलमेर से राइकाबाग स्टेषन के बीच चिकित्सा सेवाओं में कमी की पोल उस समय खुलती है, जब रेलवे में सफर कर रहे यात्री की तबीयत बिगड जाती है और उसे दो सौ से अधिक किलोमीटर का सफर तय करने के बावजूद उपचार नहीं मिलता। कई बार रेल में प्रसव की स्थिति में भी रेलवे के पास सामान्य उपचार भी नहीं मिल पाता। दुर्घटना की स्थिति में भी रेलवे यात्रियों को उपचार की सुविधा नहीं दे पाता।


Leave a comment