जोधपुर की पेयजल योजना के वित्तीय प्रबंधन में केन्द्रीय राज्य मंत्री की मेहनत रंग लाई

जागरूक टाइम्स 111 Sep 11, 2018

- फ्रांसीसी संस्था ने वित्त मंत्रालय के अधिकारीयों के साथ किया इकरारनामा

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

सनसिटी के नाम से विख्यात जोधपुर शहरवासियों के लिए एक खुश खबरी है, जब शहर की पेयजल योजना के लिए स्वीकृत 740.50 करोड़ रुपए की पुनर्गठित पेयजल योजना में फ्रांसीसी संस्था 'एएफडी' से स्वीकृत ऋण में आ रही वित्तीय अड़चने अब दूर हो गई है। ये सब संभव हो पाया जोधपुर के सांसद और केन्द्र में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के अथक प्रयासों से, जिन्होंने राजधानी दिल्ली में वित्त मंत्रालय के साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में निजी रूप से अधिकारीयों के साथ मिलकर इस समस्या के बारे में बात की और 2 दिन में ही शहर की पेयजल योजना में बाधक बनने जा रही वित्तीय अडचनों को दूर कर दिया। 

दरअसल, फ्रांसीसी संस्था 'एएफडी' द्वारा केवल 0.25 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर से 230 लाख यूरो ( 184 करोड़ रुपए ) का ऋण शहर की पेयजल योजना के लिए स्वीकृत किया गया था। जिसकी आहरण सीमा 20 अगस्त 2018 को समाप्त हो गई थी। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बदलाव के कारण संस्था ने देश की अन्य परियोजनाओं पर ऋण की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया। जिसमें जोधपुर शहर की पेयजल योजना से सम्बंधित ऋण भी शामिल था और 'एएफडी' ने इसके लिए पुरानी शर्तों पर समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया। 

इसके बाद योजना के तहत मिलने वाले शेष 50 करोड़ रुपए की राशि मिलने पर संदेह उत्पन्न हो गया और शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ये योजना अधर में लटकने के आसार हो गए, क्योंकि अन्य विदेशी संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले ऋण की दर 3 प्रतिशत और घरेलू वित्तीय संस्थाओं द्वारा दिए जा रहे ऋण की ब्याज दर 8 प्रतिशत थी। ऐसे में शहर में सुचारू रूप से पेयजल की आपूर्ति को निर्बाध रखने और तखत सागर पर निर्माणाधीन 90 एमएलडी क्षमता के फि़ल्टर संयंत्र, शहर में 15 उच्च जलाशय, वितरण प्रणाली में समुचित दबाव के साथ जलापूर्ति के लिए आवश्यक सुधार और शहर के विस्तारित क्षेत्र में हिमालय से प्राप्त होने वाले जलापूर्ति को उपलब्ध करवाने जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए इस राशि की उपलब्धता बेहद ज़रूरी थी। इसको ध्यान में रखते हुए शेखावत ने इसे किसी भी हाल में ना रुकने देने का जि़म्मा उठाया और स्वयं ही दिल्ली में ना सिर्फ सभी मंत्रालयों के बीच सामंजस्य स्थापित किया, बल्कि फ्रांसीसी संस्था को भी सहमत करवाकर इस प्रस्ताव को आगे स्वीकृति के लिए भिजवाया। इसके बाद 'एएफडी' ने केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इकरारनामे पर हस्ताक्षर करते हुए 50 करोड़ रुपए की शेष राशि को एकमुश्त प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

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