टूरिस्ट गाइड में शामिल, फिर भी पर्यटन ठप

जागरूक टाइम्स 288 Apr 20, 2019

जैसलमेर, / एक आदर्ष पर्यटन स्थल की सारी खूबियों से परिपूर्ण होने के बावजूद जैसलमेर जिले का खुहडी गांव पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में सम से बुरी तरह पिछड गया है। जैसलमेर से खुहडी जाने वाली सडक आज भी एकल ही है और इसका विस्तारीकरण सरकारी अनदेखी के चलते नहीं हो पाया है।

यही वजह है कि विगत वर्षो के दौरान खुहडी का पर्यटन व्यवसाय बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है और हजारो लोगों की आबादी बेतहाषा तकलीफें भोगने के लिए मानो अभिषापित है। जैसलमेर से 45 किलोमीटर दूर स्थित खुहडी मार्ग का विस्तारीकरण नहीं होने से इस क्षेत्र में निवास करने वाले 10 हजार से अधिक लोगों की आबादी खासी दिक्कतो से दो - चार है।

वर्तमान में जो एकल सडक बनी हुई है, उसकी दोनो तरफ के पटरे एक से डेढ फीट तक कटे हुए है। इससे वाहनो के आमने - सामने आने पर हमेषा सडक हादसे का भय बना रहता है। इस मार्ग पर विगत वर्षो के दौरान बडी संख्या में सडक हादसे हुए है। इनमें कई जनो की मौत हो चुकी है।

हादसों का षिकार होने वालो में देषी - विदेषी सैलानी भी शामिल है। खुहड़ी निवासी मिश्रीलाल झंवर ने बताया कि जैसलमेर से खुहडी आबादी क्षेत्र है। यह पूरा सडक मार्ग आज भी एकल है। मार्ग पर दिनभर वाहनों की आवाजाही का दौर बना रहता है। जैसलमेर से खुहडी मार्ग के बीच धउवा, वजीरों की ढाणी, सोढो की ढाणी, पिथला, बरना, सिपला भी है। इसी सडक पर बीच में मुडने पर हांसुवा, पोलजी की डेयरी, भू और तेम्डेराय आदि आते है।

किसी जमाने में रेतीले धोरों और ग्रामीण संस्कृति के अच्छे उदाहरण के तौर पर खुहडी का नाम सम के साथ आता था। खुहडी के धोरों पर कैमल सफारी और सूर्यास्त का नजारा देखने उमडते थे, लेकिन सम के लिए सुविधाजनक विस्तृत सडक मार्ग तैयार होने और खुहडी के इस मामले में पिछडा ही रह जाने के कारण पर्यटकों का धीरे - धीरे खुहडी से मोहभंग होना प्रारंभ हो गया। वर्तमान में यहां सम के मुकाबले 5 प्रतिषत सैलानी भी नहीं पहुंच रहे है। इससे यहां पर्यटन व्यवसाय से जुडे लोगों की अर्थव्यवस्था डगमगा चुकी है। खुहडी में वर्तमान में करीब 15 रिसोर्ट बने हुए है, सम के साथ खुहडी भी तमाम टूरिस्ट गाइड में शामिल है।

सडक विस्तारीकरण के लिए राजनीतिक और प्रषासनिक स्तर पर तमाम कोषिषें कर निराष हो चुके खुहडी के जागरूक बाषिंदो और पर्यटन व्यवसायियों के लिए मोदी सरकार की राष्ट्रीय राजमार्गो और सीमा क्षेत्र को सडकों से जोडने की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना ने एक उम्मीद 1491 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरेगा। इन सडकों का चिन्हीकरण कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के निर्माण के लिए एनएचएआई ने हाल ही निविदाएं जारी कर दी है। परियोजना के अंतर्गत मुनाबाव - सुन्दरा - म्याजलार - धनाना - आसूतार - घोटारू - तनोट - किषनगढ 275 किलोमीटर, जैसलमेर - भादासर - रामगढ - तनोट 121 किलोमीटर, गंगानगर - रायसिंहनगर - अनूपगढ - रोझरी - अवा - पूगल - बरसातपुर - रंजीतपुरा - चरणवाला - नोख - बाप की 397 किलोमीटर सडक को शामिल किया गया है।

जैसलमेर से खुहडी और आगे म्याजलार तक सुविधाजनक सडक मार्ग नहीं होने से पर्यटकों के साथ क्षेत्र में रहने वाली हजारों की आबादी को बहुत परेषानियां झेलनी पडी है, लेकिन अब केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण भारतमाला परियोजना के माध्यम से इस मार्ग सहित जिले के समूचे सीमा क्षेत्र में विस्तृत सडकों का जाल बिछ जाएगा।

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