राजस्थान हाईकोर्ट से केस की मूल पत्रावली चोरी

जागरूक टाइम्स 172 Jul 29, 2018

- अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या 3 की रीडर ने करवाया पुलिस में मामला दर्ज

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में फिर चोरी हो गई है। यहां अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या 3 में रीडर की टेबल पर रखी एक मूल पत्रावली चोरी हो गई। इस संबंध में रीडर ने उदयमंदिर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी है। बता दे कि हाईकोर्ट परिसर से पहले भी कई मामलों की मूल पत्रावलियां चोरी हो चुकी है।


पुलिस ने बताया कि अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या 3 की रीडर-ग्रेड प्रथम सुमन खींवसरा पत्नी राजेंद्र खींवसरा की ओर से रिपोर्ट दी गई है कि शुक्रवार को वे अपनी सीट पर काम कर रही थी। सुबह करीब 11 बजे उन्होंने शुक्रवार की तारीख पेशियों की पत्रावलियां टेबल पर रखी थी। इस दौरान कोर्ट कक्ष में काफी अधिवक्ता, पक्षकार भी मौजूद थे। इसी बीच एक शख्स ने शुक्रवार की पेशी में आपराधिक रिवीजन संख्या 124/18 कमलेश बनाम राज्य, जिसके साथ अधीनस्थ न्यायालय की पत्रावली एफआर संख्या 16/2017 के बारे में पूछा, तो खींवसरा ने वह पत्रावली बंडल में से निकालकर टेबल पर रखी थी। इसके बाद एक अन्य प्रकरण अक्षत बनाम राज्य के अधिवक्ता ने पत्रावली जज के सामने रखने के लिए कहा, तो रीडर वो फाइल वहां पहुंचाकर वापस अपनी सीट पर बैठ रोजमर्रा का काम करने लगी। तभी उन्हें पता चला कि कुछ देर पहले ही निकाली कमलेश बनाम राज्य की वो फाइल गायब है। इस पर उन्होंने स्टाफ के साथ मिलकर कोर्ट में फाइल ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कहीं नहीं मिली। संभवतया अज्ञात शख्स या इस प्रकरण से जुड़ा कोई पक्षकार वो फाइल चुराकर ले गया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहले भी हो चुकी है चोरी

कोर्ट से मूल पत्रावली चोरी होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल में राजसमंद सेशन कोर्ट से हाईकोर्ट में आई फाइल दीवानी अनुभाग से गायब हो गई थी। उस वक्त डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से उदयमंदिर थाने में दी रिपोर्ट में बताया गया था कि 11 नवंबर 2013 के उदयसिंह बनाम चंपालाल के सिविल अपील प्रकरण की मूल पत्रावली राजसमंद जिला एवं सेशन न्यायालय से हाईकोर्ट में मंगवाई गई थी, जो 21 मई 2017 को हाईकोर्ट की सामान्य शाखा को भेज दी गई। सामान्य शाखा से यह पत्रावली दीवानी अनुभाग-2 को सौंप दी गई। अनुभाग-2 के एक क्लर्क की टेबल पर रखी वो फाइल चोरी हो गई थी। इसी तरह गत वर्ष 16 सितंबर को भी डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से केस दर्ज कराया गया था, जिसमें कोर्ट परिसर से एक याचिका की पत्रावली चोरी होना बताया गया था।

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