महाज्योति में विलीन हुए संत रूपमुनि

जागरूक टाइम्स 179 Aug 19, 2018

- जैतारण के पावनधाम में दी अंतिम विदाई, जनसैलाब उमड़ा

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि के महाप्रयाण के बाद रविवार को संभाग के पाली जिले में जैतारण स्थित जैन स्थानक से रवाना हुई। अंतिम यात्रा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शाम चार बजे बाद जैतारण के पावनधाम परिसर में नवकार मंत्र के गुणगान के साथ संत की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी गई। इस दौरान माहौल भाविभोर हो गया। हर किसी की आंख नम हो उठी। जैन संत सुकनमुनि व अमृतमुनि के सान्निध्य में संत रूपमुनि को अंतिम विदाई दी गई। 

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जैतारण के मुख्य बाजार स्थित जैन स्थानक से जैन संत रूपमुनि अमर रहे..., जब तक सूरज चांद रहेगा...के नारों के साथ अंतिम यात्रा रवाना हुई तो माहौल गमगीन हो उठा। स्थानक से मरुधर केसरी पावनधाम तक के दो किलोमीटर लम्बे सफर में श्रद्धालुओं ने संत की अंतिम विदाई पर गुलाल व सिक्कों की बारिश की। गुलाल की बारिश से जहां श्रद्धालु रूपमुनि के तेज में रंग गए तो सड़कें भी लाल हो गई। शहर का कोई भी ऐसा कोना नहीं बचा, जहां गुलाल की परत नहीं बिछ गई हो। इस दौरान शहरवासियों की रुलाई फूट पड़ी।

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चारों ओर नजर आए श्रद्धालु

हृदय में बसे गुरु के लिए आंखें नम, नवकार मंत्र से गूंजा माहौल जैन स्थानक से पावनधाम तक दो किलोमीटर के अंतिम सफर में हजारों की भीड़ उमड़ी। जैतारण में लोग संत के दर्शन के लिए मकानों की छतों पर चढ़ गए। चारों ओर श्रद्धालुओं का लवाजमा नजर आया। भक्तजन ऊंटों पर बैठकर गुलाल व सिक्के उछाल रहे थे। गुलाल की बारिश से सड़कें लाल हो गई। करीब दो किलोमीटर के इस अंतिम सफर में संत के गगन भेदी नारों से जैतारण गूंज उठा।

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आंखों से फूटी रुलाई

लोकमान्य संत रूपमुनि को जैन स्थानक से अंतिम विदाई के दौरान भक्तगणों के साथ ही संत व साध्वियों की आंखों से रुलाई फूट पड़ी। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। इस दौरान उप प्रवत्र्तक सुकनमुनि, अमृत मुनि, महेश मुनि, नानेश मुनि, हरीश मुनि, वरुण मुनि, सचिन मुनि सहित अन्य मुनिवृंदों व साध्वियों की आंखों से अश्रु धारा बहती रही।

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मुख्यमंत्री ने भेजा पुष्प चक्र

संत रूपमुनि के देवलोकगमन पर रविवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से मंत्री व स्थानीय विधायक सुरेन्द्र गोयल ने पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान गोयल ने मुख्यमंत्री द्वारा भेजा गया संवेदना पत्र पढ़कर सुनाया। यहां केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

बंद रहे सारे बााजर

जैतारण, निमाज सहित आसपास के गांवों के बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली। पाली शहर में भी कई दुकानें बंद रही। अंतिम यात्रा में पाली विधायक ज्ञानचंद पारख, सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़, कमसा मेघवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, न्यायिक अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग पहुंचे। नम आंखों से भक्त अंतिम यात्रा में साथ चल रहे थे। कस्बे में पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मियों का जाप्ता तैनात किया गया। शहर के चारों ओर पुलिस व युवाओं ने व्यवस्थाएं संभाली। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व्यवस्था की गई। शहर में बनाए गए तीन पार्किंग स्थलों पर गाडिय़ां रखने की जगह नहीं बची, ऐसे में अन्य जगहों पर वाहन पार्क किए गए।

करोड़ों की बोलियां लगी

जैन संत रूपमुनि की मुखाग्नि के लिए जैतारण के मुख्य बाजार स्थित स्थानक में भक्तों ने करोड़ों रुपए की बोलियां लगाई। अंतिम यात्रा से पूर्व जैतारन स्थित जैन स्थानक में अंतिम यात्रा में कंधा देने आदि की बोलियां लगाई गई।
- दायां कंधा (आगे वाला) 21 लाख 21 हजार 111
- दायां कंधा (पीछे वाला) 22 लाख
- बायां कंधा (आगे वाला) 32 लाख
- बायां कंधा (पीछे वाला) 22 लाख
- चादर 52 लाख 54 हजार
- मुपती अर्पण 21 लाख 94 हजार 111
- सिक्का उछाल (सोना-चांदी आदि) 21 लाख
- गुलाल उछाल 41 लाख
- अग्नि संस्कार 1 करोड़ 94 लाख

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