युवक के जिंदा जलने का मामला: हत्या या आत्महत्या?

जागरूक टाइम्स 138 Aug 12, 2018

- पुलिस कह रही- आत्महत्या

- परिजनों का आरोप- हत्या हुई, लेकिन पुलिस नहीं कर रही निष्पक्ष जांच

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

मंडोर थानान्तर्गत आंगणवा इलाके में गत सोमवार सुबह जिंदा जलते हुए मिले आरसीसी ठेकेदार तरुण परिहार की मौत की गुत्थी पूरी उलझ गई है। उसके हत्या और आत्महत्या को लेकर विरोधाभाष बयान आ रहे हैं। पुलिस की जांच आत्महत्या पर आकर रूक गई है, जबकि परिजनों का आरोप है कि यह हत्या है और पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है।

दरअसल, रामसागर चौराहे के पास रहने वाला तरुण परिहार (23) पुत्र राजेंद्रसिंह गत सोमवार को सुबह आंगणवा इलाके में जलती हुई हालत में मिला था। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। उसके बयान नहीं हो पाए थे। उसके भाई ने इस संबंध में मंडोर पुलिस थाना में हत्या की रिपोर्ट दी थी। घटना के बाद पुलिस ने करीब एक दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, लेकिन हत्या से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। डीसीपी (ईस्ट) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि तरुण के मामले मेेंं मंडोर थानाधिकारी प्रदीप शर्मा के साथ महामंदिर और मथानिया थानाधिकारी के साथ जिला पूर्व की स्पेशल टीम को भी शामिल किया गया। इन टीमों ने सीसी टीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग हासिल करने, तरुण के मोबाइल की कॉल डिटेल सहित अन्य पहलुओं का विश्लेषण किया। इसके बाद जांच आत्महत्या पर आकर अटक रही है। फिलहाल मामले में और अधिक जांच की जा रही है।

बैठक में जताया रोष

इधर तरुण के परिजन इसे हत्या कह रहे हैं। तरुण के समाज के लोगों ने रविवार शाम को महामंदिर स्थित सुमेर स्कूल में बैठक भी की जिस पर पुलिस की जांच पर सवाल उठाए गए। समाज के लोगों और परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। वह हत्या को आत्महत्या का रूप दे रही है। पुलिस के इस रवैये को लेकर लोगों ने रोष जताया।

जांच में यह आया सामने

पुलिस की अब तक की पड़ताल में यही सामने आया कि तरुण का बहुत ही कम लोगों से मिलना-जुलना था। उसके पास 4-5 मोबाइल सिमें थी। मेडिकल बोर्ड से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण जलना ही बताया गया है। घटनास्थल पर एक प्लास्टिक के पाइप का टुकड़ा मिला जिसमें पेट्रोल की गंध आ रही थी। पुलिस पड़ताल में यह भी सामने आया कि तरुण ने घर से निकलने के बाद नयापुरा इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी बाइक की टंकी फुल कराई थी। पुलिस को मौके पर मिली तरुण की बाइक की टंकी आधी खाली मिली। परिवारवालों से पूछताछ में यही सामने आया कि तरुण ज्यादातर अपनी ही दुनिया में खोया रहता था। घटना से दो दिन पहले ही सगाई के लिए एक लड़की के परिवार वाले भी उसके घर आए थे। बताया जाता है कि इसके बाद तरुण ने अपने घरवालों से खुद का कारोबार जमने के बाद ही शादी या सगाई करने की बात कही थी लेकिन बजरी सप्लाई बंद होने के बाद से ही उसका आरसीसी का काम भी काफी कम हो गया था। घटनास्थल के पास खेत में काम करने वाले लोगों ने भी किसी को आते-जाते नहीं देखा। यही वजह है कि पुलिस को इस मामले में खुदकुशी की संभावना ज्यादा लग रही है।

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