स्वदेशी हॉवित्जर तोप 9 वज्र टी का सफल परीक्षण

जागरूक टाइम्स 229 Sep 14, 2018

- पोकरण फायरिंग रेंज में परखी तोप की मारक क्षमता

- सेना में जल्द शामिल होगी तोप, राजस्थान बॉर्डर पर होगी तैनातगी

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

भारतीय सेना ने पोखरण फायरिंग रेंज में देश में निर्मित हॉवित्जर तोप के-9 वज्र-टी की लम्बी दूरी तक मार करने की क्षमता का परीक्षण किया। पिछले परीक्षण के बाद इसमें 13 सुधार कर उसे पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा के रेगिस्तानी इलाके के अनुरूप तैयार किया गया हैं। परीक्षण के दौरान उसकी मारक क्षमता को परखने के लिए 40 से 50 किमी रेंज वाली इस तोप से छह गोले दागे गए। सभी गोलों ने अचूक प्रहार करते हुए लक्ष्यों को सफलतापूर्वकं ध्वस्त कर दिया। एक ओर परीक्षण के बाद इस तोप को जल्द सेना में शामिल किया जाएगा। इसकी तैनातगी राजस्थान सीमा पर की जाएगी।

सैन्य सूत्रों के अनुसार नवीनतम उन्नत संस्करण के 9 वजरा-टी 155 मिमी/52 कैलिबर के परीक्षण के दौरान पोकरण फायरिंग रेंज में सेना और लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत वज्र को निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने बनाया है। सेना ने 155 एमएम की इस हॉवित्जर तोप के पिछले परीक्षण के दौरान रही खामियों को सुधार करने को कहा था। सुधार के बाद एडवांस्ड तोप का पोखरण फायरिंग रेंज में सेना ने एक बार फिर से परीक्षण किया। यह तोप खास तौर से रेगिस्तान की परिस्थियों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। इस विकसित तोप में रासायनिक और परमाणु हथियार की उन्नत प्रणाली का पता लगाया गया है जिसमें जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम और स्वचालित एमओ लोडिंग सिस्टम है। भारतीय सेना के आर्टिलरी को जल्द ही चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली नई चुनौतियों से निपटने के लिए कुल 100 स्वदेशी तोप के 9 वजरा-टी (थंडर) 155 मिमी/52 कैलिबर मिलेगा। फायर पावर क्षमता होविट्जर से अधिक सुधार करेगी। 

शुरुआत में सेना को दस तोपें मिलेगी

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना को जल्द 10 तोपें मिलेगी और उसके बाद 9 0 तोपें मिलेंगी। सेना ने साढ़े चार हजार करोड़ में 100 तोपों का ऑर्डर दिया है। कंपनी ने यह ऑर्डर वैश्विक स्तर पर जारी टेंडर में रूसी कंपनी को पछाड़ कर हासिल किया था। इन तोपों के मिलने के बाद सेना के पास हॉवित्जर तोप की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। गौरतलब है कि लार्सन एंड टूब्रो ने दक्षिण कोरिया की कंपनी टेकविन के साथ मिलकर इस तोप का निर्माण किया है। गुजरात के हजीरा में इसका का कारखाना स्थापित किया गया है। पहली 10 हॉवित्जर तोपों को एलएंडटी के पुणे के नजदीक तालेगांव स्थित प्लांट में बनाया जाएगा। बाकी तोपों को गुजरात के हजीरा में मौजूद नए कारखाने में बनाया जाएगा।

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