रेत के समंदर में संगीत का दरिया

जागरूक टाइम्स 237 Jan 7, 2019

जैसलमेर : सरहद पर मुस्तैद सीमा प्रहरियों के लिए दिनभर की थकान को दूर करने व उनके मनोरंजन के लिए जब अनूठे वाद्य यंत्रों को गीतों के साथ संगत दी जाती है तो जो अनूठा वातावरण तैयार होता है, वह हर किसी को चकित भी कर देता है। अनूठा इसलिए कि ये जवान वाद्य यंत्रों के तौर पर ढोलक, हारमोनियम, वायलिन, तबला, सारंगी, तंदूरा आदि का इस्तेमाल नहीं करते। इनके अनूठे कार्यक्रम के लिए वाद्य यंत्र भी अनूठे है।

ये सीमा प्रहरी संगीत के परंपरागत व आधुनिक वाद्य यंत्रों की जगह प्लेट, गिलास, कनस्तर, बाल्टियों, मिट्टी के मटके, प्लास्टिक के पीपे, चाकू और मिट्टी के बर्तनों को बजाकर ऐसा संगीतमय माहौल तैयार करते है कि जो सुनता है व उसी में खो जाता है। सीसुब की आर्केस्ट्रा पार्टी की ओर से इजाद अनूठे वाद्य यंत्रों के बेजोड तालमेल को अपने साथियों व अधिकारियों से मिल रही दाद के बीच वे खाली समय में यही प्रयास करते है कि शायद उनकी मेहनत से कोई नई धुन तैयार हो जाए, जो दिन भर के थके हारे उनके साथियों को राहत के कुछ क्षण दे जाएं।

दुष्मन को खदेडने की हुंकार और लक्ष्य को नेस्तनाबूत करने का जज्बा लिए सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों का दुष्मन की आंखों में आंखे डालकर उनके नापाक इरादों को नेस्तनाबूद करने के जज्बे के बारे में तो हर किसी ने सुन रखा होगा, लेकिन रेत के समंदर में लहराती हवाओं व फिजां में गूंजती गोलियों के बीच वाद्य यंत्रों की संगत व थिरकते जवानों को देखकर किसी को भी हैरत हो सकती है।

अटूट हौसले के बूते कर्तव्य निर्वहन करने वाले सीमा प्रहरी जब फिजा में गूंजने वाले गीत-संगीत से सुर में सुर मिलाते है तो अनूठा वातावरण तैयार होता है। सरहदी जैसलमेर जिले की बबलियानवाला सीमा चौकी में तैनात व संगीत के बारे में हुनरमंद सीमा प्रहरियों ने अनूठे वाद्य यंत्रों से अनूठा संगीतमय वातावरण तैयार करने के लिए एक समूह बनाया और धीरे-धीरे हुनर में माहिर जवान इससे जुडते ही चले गए। सीमा प्रहरी संगीतमय माहौल में वाद्य यंत्रों की संगत पर अपनी प्रस्तुतियां देते है तो वहां मौजूद हर कोई कह उठता है.

वन्स मोर। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता-अभिनेत्रियों पर फिल्माए गए नृत्य व गीत को जब परंपरागत रूप से घर में काम आने वाले वाद्य यंत्रों का साथ मिलने से जो अजीबोगरीब माहौल तैयार होता है, वह ह्रदय की गहराइयों में पहुंचकर मन को तरंगित कर देता है। हंसी-मजाक के बीच चल रहे कार्यक्रम में जब कोई जवान अपने पसंदीदा गीत की फरमाइष करते है तो आर्केस्ट्रा ग्रुप विचित्र वाद्य यंत्रों से संगीतमय माहौल तैयार करते है और वहां मौजूद जवान सुर से सुर मिलाने से खुद को नहीं रोक पाते। जब देषभक्ति गीतों पर आर्केस्टा पार्टी अपने अनूठे वाद्य यंत्रों की संगत देती है तो फिजां में देषभक्ति का ज्वार अपने उफान पर पहुंच जाता है और सीमा प्रहरी थिरकने से खुद को रोक नहीं पाते। इस दौरान समूचा माहौल देषभक्ति नारों व भारतमाता के जयकारों से गूंज उठता है।

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