पांचवें दिन भी नहीं चली रोडवेज बसें

जागरूक टाइम्स 328 Sep 21, 2018

- एसीएस परिवहन ने जिला कलेक्टरों से मांगी रिपोर्ट

- कर्मचारियों ने सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए किया यज्ञ
जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पांचवे दिन भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं हुआ जिसके चलते एसीएस परिवहन शैलेन्द्र अग्रवाल ने जिला के कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पूछा गया है कि हड़ताल से क्या असर पड़ रहा है। साथ ही लोगों को कितनी परेशानी हो रही है। इधर रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार को सरकार व मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ भी किया जिसमें हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने आहुतियां भी दी।

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों के पहिये शुक्रवार को पांचवें दिन भी थमे रहे। हड़ताल से बसों का संचालन ठप है जिससे अब तक रोडवेज को जोधपुर डिपो में लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है। बावजूद इसके राज्य सरकार की ओर से अब तक हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई गंभीर प्रयास नजर नहीं आ रहे है। रोडवेज बसों की जगह यात्रियों को बस, जीप और अन्य वाहनों से जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही यात्रियों ने निजी बसों की तरफ रूख कर लिया है। वे रोडवेज बसों से अभी विमुख हो गए है। निजी बसें ही अब यात्रियों का सहारा बनी हुई है।
कर्मचारियों ने दी आहुतियां
रोडवेज सयुंक्त मोर्चा पदाधिकारियों ने सरकार की ओर से वार्ता का बुलावा नहीं आने पर अब आर पार की लड़ाई का ऐलान कर मांगों पर फैसला नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। शुक्रवार को कर्मचारियों ने राइका बाग बस स्टैंड पर दिए जा रहे धरना स्थल पर यज्ञ का आयोजन कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने की कामना की। इसमें हड़ताली रोडवेज कर्मचारियों ने आहुतियां दी।
अब तक 20 करोड़ का नुकसान
हड़ताल की वजह से रोडवेज को पूरे प्रदेश में चार दिन में करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। साथ ही कर्मचारियों के वेतन कटौती से रोडवेज को करीब 7.5 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। इसके साथ ही 6 करोड़ रुपए डीजल की बचत हुई है। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान का वेतन नहीं मिलेगा। सेवानिवृत कर्मचारियों को फायदा होगा। हड़ताल पर रहने से रोडवेज को दो दिन में करीब 5 करोड़ रुपए कर्मचारियों के वेतन और 4 करोड़ रुपए डीजल पेटे बचे है।

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