रिश्वत के आरोपी रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को 3 साल की सजा

जागरूक टाइम्स 91 Sep 6, 2018

- एक लाख का जुर्माना भी लगाया

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

भ्रष्टाचार मामलात की विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा प्रथम ने रिश्वत के मामले में सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता भूजल विभाग जोधपुर सुरेश बिहारी माथुर को तीन साल की सजा के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपी को एक लाख रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। मामले के अनुसार भू जल विभाग जोधपुर में मार्च 2003 में विभागीय वाहनों एवं बोरिंग मशीनों के रख-रखाव व मरम्मत में करीब 28 लाख रुपए का भुगतान विभिन्न फर्मों एवं ठेकेदारों को किया गया है। 

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एसीबी को शिकायत मिली, कि इस भुगतान में अफसरों को रिश्वत के रूप में कमीशन लेने वाले हैं। यह भी बताया गया, कि 28 मार्च 2003 को अधिशासी अभियंता प्रेमराज नुवाल अधीक्षण अभियंता व मुख्य अभियंता को उनके हिस्से के एक-एक लाख रुपए देने जा रहे हैं। इस पर एसीबी ने प्रेमराज नुवाल की गाड़ी को रुकवाया और उसकी गाड़ी में एक-एक लाख रुपए के दो बंडल मिले। एसीबी ने एक बंडल पर मार्क कर नुवाल को देकर तत्कालीन मुख्य अभियंता भूजल विभाग जोधपुर सुरेश बिहारी माथुर के निवास पर भेजा। नुवाल ने जैसे ही यह बंडल माथुर के हाथों में दिया तो एसीबी ने रंगे हाथों माथुर को गिरफ्तार कर लिया था।

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आरोपी के अधिवक्ता की ओर से कहा गया, कि इस मामले में आरोपी पिछले पंद्रह साल से ट्रायल का सामना कर रहा है, वहीं अब आरोपी की उम्र भी 74 साल हो चुकी है। इसलिए नरमी बरती जाए। सरकार की ओर से लोक अभियोजक एनके सांखला ने पैरवी की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी माथुर को तीन साल की सजा से दंडित किया। साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

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