जैसलमेर पहुंच रहा पंजाब का जहर

जागरूक टाइम्स 308 Jan 11, 2019

जैसलमेर : पंजाब की औधोगिक इकाइयों से निकलने वाला अपषिष्ट, फैक्ट्रियों का रसायन व सीवरेज की गंदगी इंदिरा गांधी नहर से होती हुई जैसलमेर पहुंचकर जानलेवा बीमारियों को निमंत्रण दे रही है। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी नहर राजस्थान प्रदेष के सात जिलों में रहने वाले लोगों की प्यास बुझा रही है। हकीकत यह है कि पानी में घुलकर सरहदी जिले के नहरी क्षेत्र में पहुंच रहे इस जहर पर अंकुष लगाने के लिए अभी तक न तो राज्य सरकार का ध्यान गया है और न हीं जल संसाधन विभाग की ओर से इस पर रोक लगाने के लिए कोई कारगर प्रयास किए गए है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक पंजाब राज्य की औधोगिक इकाइयों से काफी मात्रा में निकलने वाला कचरा, अपषिष्ट, सीवरेज से संबंधित गंदगी व प्रदूषित पानी गत कई दिनों से प्रवाहित हो रहा है। सूत्र ये भी बताते है कि लोहगढ हेड से इंदिरा गांधी मुख्य नहर में नौ हजार क्यूसेक से अधिक दूषित पानी चल रहा था। यही पानी लिंक के जरिए 11 सौ क्यूसेक मात्रा में भाखडा में दिया जा रहा था। भाखडा में पानी पूरा करने के लिए लिंक के जरिए इंदिरा नहर से 11 सौ क्यूसेक दूषित पानी छोडा गया।

इंदिरा गांधी नहर से प्रदेष के जिन सात जिलों में पेयजल के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है, उनमें जैसलमेर जिला भी शामिल है। अन्य जिलों में हनुमानगढ, चुरू, नागौर व जोधपुर शामिल है। जल संसाधन विभाग के अनुसार इंदिरा गांधी नहर में 15 सौ से 2 हजार क्यूसेक पानी पेयजल के लिए है। जैसलमेर जिले से दूर सरहिंद फीडर की टेल पर पहुंच रहा सौ क्यूसेक पानी साफ है, लेकिन जहां लिंक से छोडा गया पानी सरहिंद के पानी से मिलता है वहां साफ व गंदे पानी की दो धाराओं को अलग-अलग पहचाना जा सकता है।

यहां से सारा पानी भाखडा के जीरो हैड पर पहुंचता है तो सरहिंद में आया साफ पानी अपनी स्वच्छता खोकर कालिमा धारण कर लेता है। हरियाणा के मौजगढ से आ रही पुरानी भाखडा नहर की टेल में भी कुछ पानी चल रहा है। यह पानी साफ है, लेकिन जैसे ही जीरो हैड पर पीछे से आए गंदे पानी से मिलता है काला हो जाता है। उधर, जल संसाधन विभाग उतर खंड के मुख्य अभियंता अरविंद कुमार माथुर के अनुसार इंदिरा गांधी नहर में गंदा पानी रोपड के पास से आ रहा है।

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