जोधपुर में बंद का आंशिक असर

जागरूक टाइम्स 93 Sep 6, 2018

- एससी-एसटी एक्ट में संशोधन का विरोध

- बंद समर्थकों ने घूम-घूमकर बंद करवाए बाजार

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

एससी-एसटी एक्ट में हाल ही में किए गए संशोधन के विरोध में गुरुवार को जोधपुर शहर में बंद का आंशिक असर देखा गया। शहर के कुछ बाजारों को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर बाजार खुले रहे। हालांकि बंद समर्थकों ने वाहनों पर घूमकर बाजार बंद करवाए लेकिन वे बाजार कुछ देर बाद फिर खुल जाते। कई दुकानदारों ने स्वैच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंद समर्थकों ने जालोरी गेट चौराहा पर एससी-एसटी एक्ट में संशोधन का विरोध जताते हुए प्रदर्शन भी किया।

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एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर नया कानून बनाने के विरोध में सवर्ण संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इस बंद का असर जोधपुर में भी देखने को मिला। जोधपुर में आज कई बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध किया। जिलेभर में विभिन्न संगठनों व समाजों ने इस बंद का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बंद के दौरान शहर के विभिन्न चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान समता आंदोलन समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने शामिल होकर व्यापारियों से बंद का समर्थन करने के साथ अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आग्रह भी किया। 

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इन्होंने दिया समर्थन

बंद को समता आंदोलन सहित कई सवर्ण समाज के कई लोगों और संस्था-संगठनों ने समर्थन किया था। बंद का ब्राह्मण, राजपूत, राजपुरोहित, सोनी, जांगिड़, सिंधी, मुस्लिम, घांची, माली, गुर्जर,चारण, जैन, अग्रवाल, माहेश्वरी, रावणा राजपूत, प्रजापत और विश्नोई समेत विभिन्न समाजों और करणी सेना के प्रतिनिधियों ने समर्थन किया। बंद के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

कहीं खुले कहीं बंद रहे प्रतिष्ठान

जोधपुर शहर में बंद का व्यापक असर नजर आया। इस दौरान शिक्षित लोगों ने अपने हक की लडाई के लिए स्वविवेक से बंद को समर्थन दिया। जिसके चलते बंद को लेकर दोपहर तक कहीं भी हुडदंग के समाचार नहीं मिले। नई सड़क, त्रिपोलिया, सोजती गेट, जालोरी गेट, सरदारपुरा बी और सी रोड, गोल बिल्डिंग, चौपासनी रोड, पावटा, रातानाडा आदि स्थानों पर बाजार बंद रहे। वहीं महामंदिर, मंडोर, कुड़ी भगतासनी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, बासनी, सूरसागर आदि स्थानों पर बाजार खुले रहे।

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तैनात रहा पुलिस जाब्ता

सुरक्षा की दृष्टि से बाजारों, चौराहों और संवदेनशील क्षेत्रों में बंद के दौरान माकूल पुलिस गश्त, चौराहे पर आरएससी और व्रज तथा बड़े चौराहो पर फायरबिग्रेड तक को स्टैंड बाय किया गया। जालोरी गेट, नई सड़क चौराहा पर एक दमकल वाहन खड़े किए गए। इसके साथ ही हर बड़े बाजार में पुलिस अधिकारियों के साथ जाब्ता तैनात रहा।

यह हुआ था पहले

सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को एससी-एसटी अत्याचार निवारण एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और अग्रिम जमानत से जुड़े कुछ बदलाव किए थे। अदालत का कहना था कि इस एक्ट का इस्तेमाल बेगुनाहों को डराने के लिए नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। इस बंद का कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी किया था। इस दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसा हुई और 14 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद संशोधित कानून बनाने पर फिर विरोध शुरू हो गया है। विरोध करने वालों का कहना है कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग अन्य पिछड़ा जाति और सामान्य जाति के लोगों को फंसाने में किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही था।

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