ओसवाल सिंह सभा की लड़ाई कोर्ट पहुंची, कोर्ट ने लगाई चुनाव पर रोक

जागरूक टाइम्स 200 Jun 20, 2018

जोधपुर  @ जागरूक टाइम्स 
 ओसवाल सिंह सभा पर काबिज होने की लड़ाई अब कोर्ट जा पहुंची है। शहर के मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट ने सिंह सभा के एक गुट द्वारा करवाए जा रहे चुनाव पर रोक लगा दी है। मामले के अनुसार पिछले साल ओसवाल सिंह सभा की संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर धनपत सेठिया व प्रदीप गांग के बीच सिविल वाद न्यायालय में दायर किया गया था। न्यायिक आदेश के बाद सेठिया कार्यकारिणी ने उक्त ट्रस्ट का कब्जा लेकर कमान अपने हाथों में ली थी।

इसके बाद कार्यकारिणी का गठन किया गया। उसके बाद पदाधिकारियों धनपत सेठिया व प्रकाश लूणिया के बीच विवाद होने पर दोनों ही गुट सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। बाद में ट्रस्ट की समस्त कार्यकारिणी के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए पुन: चुनाव की तिथि 24 जून 2018 निश्चित की गई जिस पर सेठिया गु्रप ने उक्त प्रस्ताव व चुनाव की तिथि को मुख्य महानगर मजिस्टे्रट सिद्धार्थ के कोर्ट में सिविल वाद दायर कर दिया।

इस पर कोर्ट ने अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच प्रार्थी व अप्रार्थी को सुनने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। ओसवाल सिंह सभा के प्रकाश लूणिया गु्रप ने सीजेएम के स्थगन आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की है। साथ ही उक्त मामले में अपनी ओर से एक नया वाद न्यायालय में दायर किया है। अब देखना यह होगा कि इस दो गुटों में से इस ट्रस्ट की कमान किसके हाथ होगी।

दो फाड़ हुआ ट्रस्ट
इस ट्रस्ट को लेकर पूर्व में और अब फि र घमासान चल रहा है। वर्तमान में इस ट्रस्ट के फि र से दो फाड़ हो गए है और अब स्थिति यह है कि दोनों ही गुटों ने यह लड़ाई प्रतिष्ठा से जोड़कर मूंछ का सवाल बना दिया है। बड़े वकीलों से सलाह कर दोनों ही गुट अपने-अपने कानूनी दांव-पेंच लगा कर जीत के प्रयास कर रहे है। हालांकि सीजेएम द्वारा चुनाव पर स्थगन आदेश पारित करने से लूणिया गु्रप को भारी झटका लगा है।

अविश्वास प्रस्ताव पारित
सिंह सभा की नव कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के मन मुटाव के चलते अध्यक्ष व कुछ पदाधिकारियों ने स्वत: ही पूर्ण कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था। इसके बाद समस्त कार्यकारिणी का अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए चुनाव की तिथि व चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया गया जिसके चलते अन्य पदाधिकारी सेठिया गु्रप में उक्त मामले को लेकर कोर्ट में चैलेंज करते हुए कोर्ट को विधान के संबंधित जानकारी दी गई ।

जिसमें कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता व ओसवाल सिंह सभा के चुनाव अधिकारी एकलव्य भंसाली ने भी कोर्ट को उक्त चुनाव सही होने की बात कहीं लेकिन कोर्ट ने सेठिया द्वारा प्रस्तुत वाद को स्वीकार करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अब सेठिया गु्रप द्वारा चुनाव करवाए जा रहे है, तो वहीं लूणिया गु्रप द्वारा चुनाव की रोक के लिए नया वाद प्रस्तुत किया गया है।

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