फलोदी उपकारागृह में औचक निरीक्षण के दौरान मिला अफीम का दूध, एक बंदी गिरफ्तार

जागरूक टाइम्स 289 Aug 22, 2018

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

जिले के फलोदी के उपकारागृह में औचक निरीक्षण के दौरान अफीम का दूध बरामद किया गया है। पुलिस ने एक बंदी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, फलोदी उपकारागृह से बंदियों ने शिकायत में जेलर पर जेल में रिश्वतखोरी करने सहित कई आरोप लगाए थे तथा जेलर को बर्खास्त करने की मांग की थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फलोदी नरेन्द्रसिंह मालावत ने इस चिठ्ठी को गंभीरता से लिया। मंगलवार दोपहर 1.45 बजे जेल का औचक निरीक्षण करने पंहुच गए तथा पुलिस को उपकरागृह बुलाया। जिस पर सीआई मदनसिंह चौहान, हैड कांस्टेबल रामाकिशन, सुरेन्द्र, ओमाराम की टीम उपकारागृह पंहुची। 


इस दौरान एडीजे कोर्ट के शिवप्रकाश व्यास, रमेश पुरोहित, जितेन्द्र थानवी, मनोहरसिंह सहित स्टाफ भी साथ में थे। इस दौरान जेल में बने अलग-अलग कक्ष व बैरकों की गहन तलाशी की गई, तो एक महिला बैरक जिसमें पुरुष बंदी रखे हुए थे, उसमें रखे एक थैले की तलाशी में सुपारी के पाऊच में ऊपर सुपारी व नीचे अफीम का दूध पाया गया। साथ ही एक अन्य डिब्बी में भी अफीम का दूध पाया गया। 

पुलिस ने यहां से कुल 45 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया है तथा बंदी मानाराम (50) पुत्र फरसाराम जाट निवासी चिमराणी, सदर पुलिस थाना नागौर को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में थानाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। मामले की जांच एसआई पूनमाराम विश्नोई को दी गई है। बंदी आरोपी मानाराम पुलिस थाना बाप के वर्ष 2015 के एनडीपीएस एक्ट के मामले में 9 माह पूर्व गिरफ्तार हुआ था। तब से फलोदी उपकारागृह में विचाराधीन बंदी है। गौरतलब है कि मानाराम 2015 में पुलिस द्वारा 8.5 क्लिंटल डोडा पोस्त जब्त किए जाने के बाद फरार हो गया था। 


जेल प्रशासन पर सवालिया निशान

बहरहाल, जेल में अफीम का दूध मिलने से जहां एक तरफ जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ जेल के बंदियों द्वारा लिखे गए पत्र ने जेलर को आरोपों से घेर लिया है। फलोदी उपकारागृह में जेलर द्वारा अनियमितताएं करने, बंदियों को प्रताडि़त करने, रिश्वत खोरी, जेल में नशेड़ी बंदियों से वसूली करने सहित कई आरोपों को लेकर 16 बंदियों ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित कई न्यायिक अधिकारियों को डाक से शिकायत भेजी थी। 

यह भी पढ़े : सांसद पर हमले का मामला : सुरक्षा व आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर उमड़ा हज़ारों का हुजूम 

जिसमें जेलर मुकेश राजपुरोहित पर नशा करने वाले बंदियों से 10 हजार तक की वसूली करने, बंदियों को प्रताडि़त करने, पद का दुरुपयोग करने, कम खाना देने, खाना नहीं देने, बंदियों को उपकरागृह में रखने के लिए प्रतिमाह 5 हजार लेने, क्षमता से अधिक कैदी उपकरागृह में रखने, जमानत पर रिहा होने पर 2-3 हजार लेने, परिचितों से मिलवाने व फोन से बात करवाने, बंदियों के साथ मारपीट करने, प्रताडि़त करने, धमकाने, चाय के लिए बंदियों से प्रतिमाह एक गैस सिलेण्डर मंगवाने, बंदियों की झूठी रिपोर्ट भेजकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे। उपकरागृह के बंदियों ने शिकायत कर जेलर को बर्खास्त करने की मांग कर रखी है।

ताज़ा खबरों के लिए हमें फॉलो करे फेसबुक | इंस्टाग्राम  | ट्विटर

Leave a comment