मिग-27 फिर हुआ हादसे का शिकार

जागरूक टाइम्स 189 Sep 4, 2018

- पायलट सुरक्षित, वायुसेना ने दिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

जोधपुर वायुसेना स्टेशन से एक फाइटर विमान मिग 27 मंगलवार सुबह नियमित ट्रेनिग फ्लाइट्स के दौरान जोधपुर-जयपुर रोड पर जालेली फौजदार और देवलिया गांव के बीच स्थित रूप सिंह की ढाणी क्षेत्र में मंगलवार सुबह फाइटर प्लेन क्रैश होने से हडक़ंप मच गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह जोधपुर वायु सेना स्टेशन से फाइटर पायलट की रूटिन ट्रेनिंग फ्लाइट्स के दौरान प्लेन क्रेश होने से हादसा हो गया। यह मिग-27 प्लेन था, जो सिंगल पायलट जेट है। हादसे के बाद पायलट प्लेन से ऑटो इजेक्ट हो गया।

सूचना मिलने पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने पायलट को रेस्क्यू करके मिलिट्री अस्पताल में भर्ती करवाया है। जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर मिग-27 के अलावा सुखोई-30 कितू 2 स्क्रावयर है और मिग-27 एडवांस जेट ट्रेनर है, जिसका उपयोग शुरुआती पायलट प्रशिक्षण के दौरान करते हैं। वायुसेना ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

इस हादसे के दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि आसमान में हुई तेज आवाज के साथ विमान जलता हुए नीचे खेत में आ गिरा। इससे तेज आवाज होने से हडक़ंप मच गया। ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां वायुसेना का एक विमान जलता हुआ दिखा। विमान गिरने से पूर्व ही पायलट ने खुद को इजेक्ट कर के जान बचा ली थी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व दमकल मौके लिए रवाना हुए। हादसे में सुरक्षित बचे पायलट्स को एक हेलीकॉप्टर के माध्यम से वहां से ले जाया गया है।

उल्लेखनीय है कि करीब दो वर्ष पूर्व जोधपुर के कुड़ी भगतासनी क्षेत्र में भी वायुसेना का मिग-27 फाइटर प्लेन क्रैश हो गया था। रिहायशी क्षेत्र में हुए इस हादसे से एक घर की दीवार पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। इस दौरान बेहोश हुए पायलट को लोगों ने राहत प्रदान की और सहायता पहुंचने से पहले होश में लाने के प्रयास किए थे। इस हादसे के दौरान भी ग्रामीणों ने हेलीकॉप्टर आने तक पायलट को सहायता प्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की है।
फाइटर प्लेन के क्रेश होने की सूचना मिलते पुलिस कंट्रोल रूम से डांगियावास औरबनाड़ पुलिस थानो के साथ अधिकारियों को भी सूचित किया गया और आग को बुझाने के लिये फायर बिग्रेड कोसूचना दी गई जिस पर नागौरी गेट स्थित फायर स्टेशन से प्रभारी दलपत कलाल, सहायक फायर आफिसर रविन्द्रसिंह के नेतृत्व में दो फायरबिग्रेड को लेकर फायरमैन गेनाराम विश्नोई, शैलेन्द्रसिंह, प्रवीणसिंह और मूलचंद मौके पर पहुंचे। फायर प्लेन में फुल टैंक होने के कारण आग बढऩे की संभावना के चलते मंडोर, बासनी और शास्त्रीनगर से भी एक एक दमकल को मौके पर भेजा। मौके पर एयरफोर्स और आर्मी की फायरबिग्रेड भी पहुंची और सभी ने प्रयास करके आग का गोला बने इस फायटर प्लेन पर पानी, फोम और कैमिकल छिड़कर कर आग पर काबू पाया।

देश में सिर्फ जोधपुर में ही बचा है मिग-27

पांच दिन पहले पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरफोर्स स्टेशन से मिग-27 (बहादुर) की सेवानिवृत्ति के बाद अब देश में केवल जोधपुर में ही मिग-27 एयरक्राफ्ट बचा है। इसे भी 2024 तक धीरे-धीरे कर के रिटायर कर दिया जाएगा। अब राफेल और तेजस इनकी जगह लेंगे। वायुसेना ने 29 दिसम्बर 2017 को बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 (96 वर्जन) और हाशिमारा से मिग-27 की विदाई की थी। नाल में अब जगुआर विमान तैनात किए गए हैं।

वर्तमान में केवल जोधपुर स्टेशन पर मिग-27 की दो स्क्वाड्रन हैं। यहां मिग-27 का अपग्रेड जेट है, जिसमें 36 एयरक्राफ्ट हैं। मिग-27 बहादुर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड ने डिजिटलाइज्ड करके अपगे्रड किया था। जोधपुर में मिग-27 के अलावा सुखोई-30 एमकेआई की एक स्क्वाड्रन है। वर्तमान में देश में मिग-21, मिग-27 और मिग-29 की कुल 9 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिन्हें धीरे-धीरे 2024 तक रिटायर कर दिया जाएगा। एक समय भारत के एयरफोर्स बेड़े में कुल मिग श्रेणी के 1200 विमान थे।

कारगिल में दुश्मनों का सफाया किया 

तत्कालीन सोवियत यूनियन ने मिग विमान बनाए थे। भारत ने 1966 में पहला मिग-21 विमान खरीदा। मिग-27 विमान 1975 में आए। इन विमानों ने 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं 13 जून 2016 को जोधपुर में ही कुड़ी भगतासनी क्षेत्र में मिग-27 क्रैश हो गया था, जिसमें दो घर क्षतिग्रस्त हुए और तीन लोगों को चोटें आई थीं। रूस ने भारत के अलावा श्रीलंका और कजाकिस्तान को मिग-27 बेचे थे।

42 की जगह 31 स्क्वाड्रन

देश में वायुसेना की 42 स्वीकृत स्क्वाड्रन हैं। इनमें से वर्तमान में केवल 31 स्क्वाड्रन ही बची हैं। इनमें सुखोई-30 की 10 स्क्वाड्रन, ब्रिटिश जगुआर की 6 स्क्वाड्रन, फ्रंास के मिराज-2000 की दो स्क्वाड्रन और मिग-29 की तीन स्क्वाड्रन शामिल हैं। भारत में वर्तमान में फ्रांस से राफेल विमान की दो स्क्वाड्रन खरीद रहा है। पहला विमान पिछले साल सितम्बर में अंबाला में आ गया था। वहीं 2022 तक सभी 36 विमान आ जाएंगे। तीसरी स्क्वाड्रन खरीदने पर वह जोधपुर में तैनात की जाएगी।

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