बिटकॉइन में मुनाफे के झांसे में जोधपुर के दर्जनभर निवेशकों के डूबे 60 लाख

जागरूक टाइम्स 278 Jul 17, 2018

- तीन महिने में दस गुना फायदे का दिया लालच

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

बहुचर्चित व प्रचलित हो रही बिटकॉइन करेंसी के झांसे में आकर जोधपुर के एक दर्जन लोगों ने अपने 60 लाख से ज्यादा रुपए डूबो दिए। ना तो मुनाफा मिला और ना ही मूल रकम अब मिल रही। निवेश कराने वाले खुद अब भूमिगत हो गए हैं। किसी परिचित के झांसे में आकर यह रकम शहर के निवेशकों ने लगाई थी। बीस माह बाद निवेशक कोर्ट की शरण में पहुंचे और अब सरदारपुरा पुलिस थाने में इसकी प्राथमिकी दी गई है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया एफआईआर पर तफ्तीश आरंभ की है। रिपोर्ट में हरियाणा के गुडग़ांव के कुछ लोगों को नामजद किया गया है। 

मंगलवार को सरदारपुरा पुलिस ने बताया कि लोढ़ों का चौक सरदारपुरा प्रथम ए रोड पर रहने वाले शैलेंद्र भंडारी पुत्र विलमचंद्र भंडारी ने रिपोर्ट दी कि उसके पास 16 नंवबर 2016 को किसी हनुमानसहाय यादव को फोन आया था। जब वह अपनी फैक्ट्री में था। फोन करने वाले शख्स ने खुद को बिटकॉइन कंपनी के लिए काम करना बताया और इसके मालिक का पता हरियाणा गुडग़ांव के इंद्रजीत यादव को होना बताया। हनुमानसहाय ने बिटकॉइन कंपनी के लिए निवेश की बात की और दस से पंद्रह गुना मुनाफा होना बताया। एक कॉइन की कीमत 16 रूपए बताई और इसके तीन चार महिने में ही फायदे के तौर पर 70-80 रुपए प्रतिकॉइन मुनाफा की बात की। इसके लिए उसके कुछ परिचितों को भी निवेश के लिए उकसाया। ताकि वे भी कंपनी के लिए काम करे और निवेश करें। 

इस बातचीत के बाद झांसे में शैलेंद्र भंडारी ने अपने कुछ परिचितों को फोन कर अगले एक दो दिन बाद घर पर सरदारपुरा ए रोड पर बुलाया। इसके मालिक का नाम गुडग़ांव निवासी इंद्र जीत यादव होना बताने के साथ अतिरिक्त लांभाश के तौर 10 प्रतिशत मुनाफा भी दिया जाना बताया। कुछ दिन की जद्दोजहद के बाद शैलेंद्र भंडारी ने अपने परिचितों जिनमें खुद ने 29 लाख, हनुमान राम ने 5.60 लाख, रूपेश ने 4. 80 लाख, रतन ने 5. 60 लाख, तुलसाराम ने 4 लाख से ज्यादा, देवाराम ने 5. 60 लाख, ओमप्रकाश ने 3.20 लाख, तुलसाराम ने 5. 60 लाख, ओपी ने 5. 60 लाख, किसनाराम ने 5. 60 लाख, पन्नाराम ने 2 लाख, अशोक ने 5.60 लाख और हापूराम ने 4 लाख रुपए करीबन 59 लाख रुपए एकत्र कर हनुमान सहाय के मार्फत जलजोग चौराहा स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा करवाएं। यह रुपए इंद्रजीत यादव के बैंक खाते में जमा करवाए गए, लेकिन 20 माह का समय गुजरने के बावजूद ना तो कंपनी की तरफ से मुनाफा मिला और ना ही मूल रकम लौटाई जा रही। लुटे पिटे निवेशकों ने अब अदालत की शरण लेकर कल सरदारपुरा पुलिस थाने में इसकी एफआईआर दी। इस संबंध में एसआई मदनलाल तफ्तीश कर रहे है। 

ऑनलाइन दिखाएं सब्जबाग

पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि आरोपी हनुमान सहाय ने शैलेंद्र भंडारी के घर पर आकर सभी निवेशकों को ऑन लाइन कंपनी की कार्यप्रणाली समझाई और कैसे वे अपनी रकम को दस पंद्रह गुना बढ़ा सकते है। इस बारे में बताया। गुडग़ांव में बैठे इंद्रजीत यादव से भी निवेशकों की फोन पर बात करवाई गई। इंद्रजीत की चिकनी चुपड़ी बातों में आकर जोधपुर के निवेशक 59 लाख से ज्यादा की रकम डूबा बैठे।

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