किसानों से जैविक खेती अपनाने का आह्वान

जागरूक टाइम्स 144 Sep 14, 2018

- काजरी में तीन दिवसीय कृषि मेले का दूसरा दिन 

- प्रगतिशील किसान मित्रों ने साझा किए अनुभव
जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान(काजरी) जोधपुर में चल रहे कृषि मेले में किसानों को संबोधित करते हुए काजरी निदेशक डॉ. ओपी यादव ने कहा पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय बढ रहा है और एेसे में हरे चारे की मांग वर्ष पर्यन्त रहती है। संस्थान में नेपियर हाईब्रिड घास सीओ-4 की कलमें बहुत ही कम कीमत पर किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही है। क्रोफ केफेटेरियां में लगी फसलों को देखें जो अच्छी लगे उसका नाम नोट करें और अगले वर्ष उसके बीजों का प्रयोग करें। खेत की बाउंड्री पर गौंदे, करौंदा, कुमट के पेड़ लगाएं। इससे अतिरिक्त आमदनी होगी। कुमट से अधिक गोंद उत्पाद के लिए काजरी द्वारा इंजेंक्शन एवं तकनीक दी जा रही है उसे अपनाएं। गोंद की मार्केट में मांग भी बहुत है। जैविक खेती की ओर भी ध्यान दे, जैविक उत्पादों की मार्केट में मांग है, कीमत भी अच्छी प्राप्त होती है। खेती में अपना ज्ञान कौशलता बढाए, लाभ कमाएं।
मेला संयोजिका डॉ. प्रतिभा तिवारी ने बताया कि मेले में विभिन्न प्रगतिशील किसान मित्र भी अपने अनुभव साझा कर है। जिससे किसानों में संस्थान की तकनीकियों को अपनाने का रूझान बढ रहा है। संस्थान द्वारा तैयार किए गए मूल्य सवंद्र्धित उत्पाद को देखने से महिलाओं में सीखने एवं प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई। जिन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान द्वारा उन्नत सरसों एवं जीरा की उन्न किस्मों के बीजों का विक्रय किया जा रहा है तथा फलदार पौधे उचित कीमत पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. बीके माथुर ने पशु प्रबन्धन, डॉ. एके शर्मा ने जैविक खेती पर व्याख्यान दिया। प्रगतिशील कृषक रतन लाला डागा, विजय गोदारा, बाबू खां ने जैविक खेती के बारे में अपने अनुभव साझा किए। जालोर के प्रगतिशील कृषक एवं जैविक उत्पाद के व्यवसायी योगेश जोशी ने कहा कि जैविक उत्पाद विशेष रूप से राजस्थान के मसालों की जिसमें जीरा, मैथी, धनियाा, सौंफ, सुआ, लाल मिर्च पुदिन कस्तूरी मैथी की मांग है। जैविक खेती में लागत कम, गुणवत्तायुक्त उत्पाद मिलता है तथा मार्केट रेट भी अच्छी मिलती है।
किरण परिहार गांव चोखा ने कहा कि हमारे पास जमीन नहीं है, लेकिन पर्स, चूडिय़ां बैग बनाने, शर्बत बनाने का काम सीख कर कुछ कमा सकते हैं। पार्षद विश्वजीत जोशी ने कहा कि मेले में बहुत कुछ नया देखने एवं सीखने को मिला। जरूरत है स्वयं जागरूक होकर उसे ग्रहण करें। राधेश्याम परिहार गांव तिंवारी ने कहा कि उपयोगी कृषि यंत्रों, जैविक खेती को अपनाएंगे। पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी ने कहा कि एक ही स्थान पर सब जानकारियां मिल रही है।
ये रहे फसल प्रदर्शन के विजेता
मेहंदी प्रतियोगिता में सोनाली, शिवानी, हेमलता, बाजरा फसल प्रर्दशन में आइदान राम, सुरेश कच्छवाहा, निम्बाराम छाबा, ग्वार प्रर्दशन में मुकेश, वैद्य खींवराज परिहार, तेजाराम चौहान, मूंग प्रर्दशन में मरियम बेगम, रामचन्द्र, करणाराम, मोठ प्रर्दशन में घेवरराम, गणपत सिंह, पूरखा राम, तिल प्रर्दशन में तेजाराम, श्रवण पटेल, चैनसिंह एवं काचरा फसल में भींयाराम विजय रहे।

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