जेएनवीयू के 36 शिक्षकों की बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक

जागरूक टाइम्स 145 Jul 24, 2018

- रोक अवधि सात अगस्त तक बढ़ाई

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान उच्च न्यायालय ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के 36 शिक्षकों की बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक अवधि सात अगस्त तक बढ़ा दी है।

जोधपुर हाईकोर्ट में जस्टिस पीके लोहरा की पीठ में मंगलवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट नम्बर 5 की मुख्य वाद सूची में 134 से 170 तक सूचीबद्ध ये मामले नॉट रीच हो गए, लेकिन अगली तारीख देते समय जस्टिस पीके लोहरा ने मामले में अनिवार्य रूप से जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की ओर से बहस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई तक के लिए सभी 36 शिक्षकों की बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक बढ़ा दी है।

रद्द हो सकती है कि शिक्षक भर्ती

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की शिक्षक भर्ती 2012-13 में फर्जीवाड़े की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय कमेटी के समन्वयक प्रो. पीके दशोरा ने एक साल तक शिक्षक भर्ती की जांच की। उन्होंने 1230 पेज की रिपोर्ट में सौ से अधिक स्थानों पर यह उल्लेख किया है कि विवि प्रशासन ने उन्हें कई चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। रजिस्ट्रार कार्यालय और संस्थापना शाखा दस्तावेज एसीबी में होने की बात कहती रही। शिक्षक भर्ती में विज्ञापन निकालने से लेकर इंटरव्यू तक अधिकांश जगह फर्जीवाड़ा था। पूरी रिपोर्ट में कहीं पर भी विवि के बारे में सकारात्मक बात नहीं लिखी गई है। रिपोर्ट में अलग-अलग पन्नों पर लगभग सभी 154 शिक्षकों, स्क्रूटनिंग कमेटी में शामिल विवि के हैड, डीन व डायरेक्टर का उल्लेख है। रिपोर्ट में एक महिला अभ्यर्थी के 13 पन्नों के गुमनाम पत्र का भी हवाला है। प्रो. दशोरा ने लिखा इस अभ्यर्थी का चयन बगैर इंटरव्यू के कर दिया गया, लेकिन अभ्यर्थी ने पत्र में जो पीड़ा बताई है, उसका कंटेंट इतने निम्न स्तर के हैं कि उसका रिपोर्ट में उल्लेख नहीं किया जा सकता।

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