हाईकोर्ट ने दी युवती को प्रेमी संग जाने की इजाजत

जागरूक टाइम्स 972 Sep 7, 2018

- बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

प्रेम विवाह करने वाले एक युवक ने आखिरकार हाईकोर्ट का सहारा लेकर अपनी पत्नी को ससुराल से आजाद करवाया।

प्रेम विवाह करने वाले भीमसिंह मीणा ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को ससुराल से आजाद करवाने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इस पर जस्टिस निर्मलजीत कौर व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कुड़ी भगतासनी पुलिस द्वारा युवती दिव्या जांगिड़ को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने पक्ष रखते हुए बताया कि दोनों ने प्रेम विवाह किया है। उसके बावजूद दिव्या के परिजन उसे जबरन बंधक बनाकर रख रहे है। कोर्ट ने युवती से पूछा तो उसने बालिग होने के नाते अपनी इच्छा जाहिर करते हुए पति के साथ रहने की बात कही। इस दौरान कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों के परिजन भी खड़े थे। उनमें हल्की नोक झोक भी हुई क्योंकि दोनों परिवार प्रेम विवाह के खिलाफ थे। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद युवती को अपने पति के साथ जाने की इजाजत दे दी।

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