अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट गंभीर

जागरूक टाइम्स 433 Nov 30, 2018

- बाड़मेर पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की एक साल बाद भी पालना नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका पर गंभीरता दिखाते हुए आदेशों की पालना करने के निर्देश दिए अन्यथा बाड़मेर पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

जस्टिस पीएस भाटी की अदालत में याचिकाकर्ता नदीम खान ने अवमानना याचिका पेश कर बताया कि बाड़मेर के सिणधरी थाने में अभी तक आदेश की पालना नहीं की गई है। पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट ने आठ अगस्त 2017 को नदीम खान के चार ऊंट व आठ ऊंटनियां छोडऩे का आदेश दिया था लेकिन पुलिस ने इन 12 जानवरों को पीपल फॉर एनीमल्स संस्थान सिरोही के सुपुर्द किए थे जहां से आज दिन तक पुलिस ने याचिकाकर्ता को वो जानवर वापस नहीं सौंपे है। आखिरकार याचिकाकर्ता नदीम खान ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पेश की जिसे हाईकोर्ट जस्टिस भाटी ने गंभीरता से लेते हुए आदेशों की पालना करने के निर्देश दिए। यदि 15 दिसम्बर तक आदेश की पालना नहीं होती है तो पुलिस अधीक्षक बाड़मेर को तलब किया है। सरकार की ओर से उपराजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखा।

सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट पेश

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में एक याचिका को निस्तारित करते हुए मुकदमों का अनुसंधान स्थानान्तरित करने के संबंध में पुराने परिपत्र में सुधार व संशोधन कर नवीन परिपत्र जारी करने के लिए रिपोर्ट मांगी थी। गुरुवार को हाईकोर्ट जस्टिस विजय विश्नोई की एकलपीठ में इस मामले में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग की ओर से डीआईजी सीआईडी सीबी संजय श्रोत्रिय पेश हुए। उपराजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित के साथ कोर्ट में पेश होकर चार अक्टूबर को जारी आदेश पर पालना रिपोर्ट पेश की।

रिपोर्ट में बताया गया कि हाईकोर्ट के निदेर्शानुसार नवीन परिपत्र जारी करने के सम्बंध में अति मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में 26 नवम्बर को महानिदेशक पुलिस, अति महानिदेशक पुलिस अपराध व विशिष्ठ शासन सचिव गृह विधि विभाग की बैठक आयोजित की गई जिसमें अनुसंधान परिवर्तन के सम्बंध में विभाग के परिपत्र तीन अगस्त 2012 एवं पुलिस मुख्यालय से दिए गए नवीन परिपत्र पर चर्चा हुई लेकिन विधानसभा चुनाव आचार संहिता के चलते आवश्यक संशोधन कर नवीन परिपत्र फिलहाल जारी किया जाना संभव नही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा गया कि हाईकोर्ट द्वारा इसमें संशोधन नवीन परिपत्र के लिए समय दिया जाये। जस्टिस विश्नोई ने सुनवाई के बाद सात जनवरी तक का समय देते हुए रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की अदालत ने एक याचिका को निस्तारित करते हुए पुलिस विभाग व राज्य सरकार को अहम निर्देश जारी करते हुए कहा था कि किसी भी मामले में बार-बार अनुसंधान को बदलने के मामले में सुधार कैसे हो इसको लेकर गंभीरता दिखाये।

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