जैसलमेर में भुला दी इनकी कुर्बानी......

जागरूक टाइम्स 68 Aug 13, 2019

जैसलमेर : स्वर्णनगरी के बाषिंदों को महापुरूषों के व्यक्तित्व व कृतित्व से अवगत करवाने व उनकी याद को चिरस्थायी बनाने के उद्वेष्य से सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किए गए स्मारक सुरक्षा के माकूल प्रबंध के अभाव में दुर्दषा का षिकार हो रहे है। जैसलमेर के निर्भीक स्वतंत्रता सैनानी जिन्हें आजादी की अलख जगाने की कीमत जान देकर चुकानी पडी, उनको याद करने की भी प्रषासन को फुर्सत नहीं है।

जिला स्तर पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान मुख्य समारोह में शहीदों को नमन किया जाता है। बावजूद इसके देष की आजादी का मोल बताने वाले इन महापुरूषों की मूर्तियों पर माल्यार्पण करने एवं उनके देष की आजादी में सहयोग को सदैव भुला दिया जाता है। केवल उनकी जयंती या बलिदान दिवस पर ही उनका माल्यार्पण कर लिया जाता है। शेष दिन ये प्रतिमाएं या स्मारक उपेक्षित अवस्था में ही दिखाई देती है।

जैसलमेर में इन दिनों स्वतंत्रता दिवस को हर्षोल्लास से मनाए जाने के लिए शहर का रूप निखारने के लिए कवायद की जा रही है। बावजूद इसके, उन स्वतंत्रता सैनानियों के स्मारकों की सुध नहीं ली गई, जिन्होंने देष सेवा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था। देष के गौरव का प्रतीक एवं प्रहरियों के अनाम उत्सर्ग को चिरस्थायी बनाने के लिए स्थापित विजय स्तंभ भी उपेक्षा का षिकार हो रहा है। अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। जैसलमेर में सम मार्ग स्थित विजय स्तंभ के समीप सर्किल की माकूल सफाई के इंतजाम नहीं है। इसके अलावा वर्ष भर यह उपेक्षित ही रहता है। यहां तक की स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वो पर भी सुध नहीं ली जाती।


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