डोडा पोस्त पर राजस्थान में पिछले 4 साल से सरकारी प्रतिबंध बेअसर

जागरूक टाइम्स 238 Aug 17, 2019

जैसलमेर : डोडा पोस्त पर राजस्थान में पूर्णतया प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद यह नषीले पदार्थ जैसलमेर शहर और जिले के ग्रामीण इलाकों में धडल्ले से बिक रहे है। आसपास के जिलों और राज्यों से तस्करी से डोडा पोस्त न केवल आसानी से जैसलमेर पहुंच रहा है, बल्कि तयषुदा ठिकानों पर बिक भी रहा है। इस संबंध में अभी तक पुलिस और आबकारी विभाग के हाथ अवैध डोडा पोस्त बिक्री करने वाले लोगों तक नहीं पहुंचे है। रोक से पहले डोडा पोस्त के सरकारी भाव 1250 रूपए प्रति किलो थे जबकि अब तस्करी के जरिए यहां आकर डोडा पोस्त 3200 से 4500 रूपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। डोडा पोस्त के एक पुराने तलबगार ने पहचान उजागर नहीं करने पर बताया कि सरकार की रोक के बाद उन्हें ज्यादा दाम चुकाकर नषा करना पड रहा है।

डोडा पोस्त पर प्रतिबंध के बाद जहां इसकी तस्करी और चोरी-छिपे बिक्री की वारदातों में बढोतरी का दौर है। वहीं कई ऐसे तलबगार है जो नषा नहीं मिलने से दवाईयों का सेवन कर रहे है। जानकारी के अनुसार तलबगार नषे की अन्य दवाइयों को मेडिकल स्टोर से खरीद कर उनका सेवन कर रहे है। बताया जाता है कि टेबलेट और कैप्सूल के आकार में मिलने वाली ये नषीली दवाइयां तलबगारों को प्रतिमाह 1000 से 2000 रूपए खर्च करने के बाद मिलती है। डोडा पोस्त का नषा छुडाने के लिए नया सवेरा अभियान के अंतर्गत गांव-कस्बों में चलाए जा रहे नषामुक्ति षिविर भी उद्वेष्य में कामयाब होते नहीं दिख रहे।

षिविरों में बहुत कम संख्या में तलबगार भर्ती होने पहुंच रहे है और जो पहुंच भी रहे है, उन्हें आसानी से डोडा पोस्त मिल जाने से वे षिविर में उपचार के दौरान अथवा उसके तुरंत बाद पुनः नषे की गिरफ्त में चले जाते है। जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में इस वर्ष षिविर होने है। 60-65 वर्ष से अधिक आयु वाले तलबगारों को नषा मुक्ति षिविरों में भर्ती नहीं किया जाता, क्योकि उनका शरीर अब तक पूरी तरह से नषे पर निर्भर है। जिला आबकारी अधिकारी बुद्विप्रकाष मीना ने कहा कि अवैध रूप से डोडा पोस्त बिक्री की जानकारी मिलने पर हमारी टीम कार्रवाई करती है। आबकारी विभाग डोडा पोस्त की अवैध बिक्री पर रोकथाम के लिए प्रयास कर रहा है।


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