मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने पर गहलोत ने ली चुटकी

जागरूक टाइम्स 336 Aug 26, 2018

- कहा- काले झंडे दिखाने से बढ़ती है उम्र, पथराव व हिंसा में उनका नाम लेने पर की निंदा

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को गौरव यात्रा के दौरान जोधपुर जिले के पीपाड़ व अन्य क्षेत्रों में काले झंडे दिखाए जाने पर चुटकी लेते हुए कहा है कि काले झंडे दिखाए जाने से उम्र बढ़ती है। काले झंडे दिखाना लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने खुद मुख्यमंत्री रहते कई बार इसका सामना किया। सरकार से कोई नाराज होगा और किसी ने काला झंडा दिखा भी दिया होगा तो वह भी घमंड के कारण मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्दाश्त नहीं है। गहलोत रविवार को जोधपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से मुखातिब थे।

उन्होंने मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा पर हुई पत्थरबाजी व हिंसा की घटना में उनका नाम घसीटने पर नाराजगी जताई और कहा कि इस हिंसा में उनका नाम लेकर बातें करना गलत है, वह इसकी निंदा करते हैं। लोकतंत्र में सहनशक्ति होनी चाहिए। मौजूदा सरकार लोगों की ओर से दिखाए जा रहे काले झंडों से ही तिलमिला उठी है। सरकार को इस तरह के विरोध को सहने की शक्ति होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आरोप लगा रही हैं कि यह अशोक गहलोत के इशारे पर हो रहा है। जो कि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि हम किसी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा है कि हिंसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने पथराव की घटना पर कहा कि जोधपुर आईजी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जोधपुर में किसी प्रकार की पथराव की घटना नहीं हुई है।

हमने की भाजपाइयों की रक्षा

उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो वसुंधरा राजे ने दो बार यात्राएं निकाली और उनकी सुरक्षा के लिए उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर रक्षा की थी। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जोधपुर आए थे तब उनका विरोध करने के लिए कुछ लोग लगे हुए थे तो उनको भी पुलिस से पकड़वाया था। एेसे में उन पर आरोप लगाने की उनकी हिम्मत कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि पीपाड़ में पंचायत समिति को लेकर उनके खुद के भाजपा कार्यकर्ता नाराज थे और पूर्व में भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। साथ ही पीपाड़ भी बंद करवाया था। इसके बाद भी सरकार ने उनकी नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में मुख्यमंत्री एक बार भी सर्किट हाउस आकर नहीं रुकी। एेसे में गांव से आने वाले फरियादी उनसे कैसे मिलते। इससे इस तरह का रोष लोगों में होना लाजमी है। यह मुख्यमंत्री के प्रति रोष ही है जो काले झंडे व पत्थरबाजी के तौर पर दिख रहा है।

गौरव नहीं विदाई यात्रा

गहलोत ने एक बार फिर दोहराया कि यह गौरव यात्रा नहीं बल्कि विदाई यात्रा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी है। उन्होंने केन्द्र सरकार पर भी राफेल डील जैसे मुद्दों पर जवाब नहीं देने के आरोप लगाए। जोधपुर शहर में गौरव यात्रा की सभा स्थगित कर केन्द्र सरकार के बड़े नेताओं को बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चाहे अमित शाह आए या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। मारवाड़ के लोग उनका अच्छे से स्वागत करेंगे क्योंकि यह उनकी तासीर है लेकिन वह वोट नहीं देंगे। इस बार साइलेंट रिवोल्यूशन होगा।

कांग्रेसियों ने किया स्वागत

इससे पूर्व गहलोत का जोधपुर पहुंचने पर कांग्रेसी नेताओं ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया। कांग्रेसियों ने उन्हें सूत की माला पहनाई। साथ ही मारवाड़ी साफा भी पहनाया। गहलोत सभी कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं से आत्मीयता के साथ मिले। बता दे कि अशोक गहलोत यहां पर अपनी बहन से राखी बंधवाने के लिए जोधपुर आए थे।

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