गहलोत का बगावत के सुर खत्म करने का दावा

जागरूक टाइम्स 551 Nov 21, 2018

- कहा : तीन दिन में मना लिया जाएगा बागियों को

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

पूर्व मुख्यमंत्री व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) अशोक गहलोत ने दावा किया है कि प्रदेश विशेषकर मारवाड़ में जिन्होंने कांग्रेस से नाराज होकर नामांकन दाखिल किए है और जो रूठें बैठे है उनको तीन दिन में मना लिया जाएगा। उन्होंने यहां बगावत के सुर खत्म करने का दावा किया है। वे मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि टिकट वितरण में राहुल गांधी के युवाओं व महिलाओं को मौका देने के फॉर्मूले पर काम किया गया है। इसमें वे कोई समझौता नहीं करना चाहते थे। आगामी चुनावों में नई पीढ़ी के साथ अनुभवी राजनेता काम करेंगे। कांग्रेस में राजनीति का भविष्य कुछ ऐसा ही होगा। साथ ही आगामी चुनावों में दावेदारी की प्रक्रिया ही बदल जाएगी। इसमें ब्लॉक अध्यक्ष से फीडबैक और जिलाध्यक्ष की अनुशंसा पर ही सब कुछ निर्भर करेगा। कई मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि बगावत यदि हुई तो उनको हम मना लेंगे। तीन दिन का समय है।

मारवाड़ की उपेक्षा की

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे राजस्थान में भाजपा ने उनकी सरकार द्वारा कई काम रोक दिए। मारवाड़ की उपेक्षा हुई, खास तौर पर जोधपुर का तो भट्टा ही बैठा दिया क्योंकि यहां से मैं आता हूं। माफी चाहता हूं मेरे कारण से भाजपा सरकार व वसुंधरा राजे ने यहां की उपेक्षा की। अब मौका है सबक सिखाओ। बीकानेर में टिकट बदलने के बाद नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के बयान पर गहलोत ने कहा कि जब टिकट बदले गए तो वे एक बैठक में थे और अचानक उनको यह सूचना मिली ऐसे में उनका रिएक्शन यह था कि अब हम चुनाव कैसे जीत पाएंगे? उनका मतलब यह नहीं था कि वह बगावत कर रहे हैं और खुद कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उसको गलत तरीके से पेश किया गया।
लोग राजे के खिलाफ
भाजपा के हिंदूत्व एजेंडे पर करारा प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस बार के चुनाव आमजन पर निर्भर है। लोग मुख्यमंत्री राजे के खिलाफ है और उन्हें हटाने का मन बना चुके है। इन पांच सालों में कुशासन की हद हो गई है। अब भले ही मोदीजी आएं या अमित शाह आए लेकिन आमजन के गुस्से को शांत नहीं करवाया जा सकता है। यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी की राजस्थान यात्रा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि ३० सालों से राम मंदिर का मुद्दा चलता आ रहा है। राम मंदिर बनेगा यह सुनते-सुनते सालों बीत गए है। जनता अब इन बातों से परेशान होकर समझ गई है कि विपक्ष के पास इसके अलावा और कोई बात नहीं है करने के लिए। मुझे समझ नहीं आता चुनाव आते ही विपक्ष को यह मुद्दा क्यूं याद आ जाता है। गहलोत ने बताया कि जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से एक बैठक के दौरान हुई मुलाकात में उन्होंने यह सवाल पूछा तो उन्होंने कहा था कि यह विहिप का मुद्दा है। फिर इस बात के बीस दिनों में ही भागवत ने मंदिर को लेकर कानून बनाने की बात कह डाली। आने वाले समय में हिंदू ही इनको एक्सपोज कर देगा कि यह ढोंगी लोग हैं।
नीतियों पर दिया स्पष्टीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार मतदाता कुशासन का अंत करने के लिए मतदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस बार के चुनावों से मतदाता समझ जाएगा कि राहुल गांधी किस सोच को लेकर आगे बढ़ रहे है। राहुल की सोच के अनुसार इस बार महिलाओं व नौजवानों को आगे लाया गया है। हमारा मानना है कि मतदाता प्रत्याशी को देख कर वोट देगा इसलिए कांग्रेस नए चेहरे लेकर आई है। कांग्रेस की नीतियों और योगदान के बारे में लोगों को मालूम चलेगा। आज विपक्ष हमारी पार्टी की आलोचना करता है जिसने आजादी के समय कुछ भी योगदान नहीं दिया है, यहां तक कि अंगुली तक नहीं कटवाई है और वे लोग आज जुमलेबाजी से बाज नहीं आ रहे है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने हमेशा से ही लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया है।

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