भाजपा राज में हथियारों की खरीद में भ्रष्टाचार : हुड्डा

जागरूक टाइम्स 105 Sep 4, 2018

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को एनडी एसरकार की राफेल डील को लेकर जयपुर स्थित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित किया। इस दौरान हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान जो राफेल विमान 526 करोड़ रुपए में खरीदा जा रहा था, वह भाजपा की सरकार बनते ही रातों-रात 1670 करोड़ रुपए का हो गया। ऐसे में ये दर्शाता है कि हमारे देश के जवान जो अपनी जान हथेली पर लेकर देश की सुरक्षा का काम करते हैं, उनके लिए सामान व अन्य हथियारों की खरीद में भाजपा राज में भ्रष्टाचार हो रहा है।

हुड्डा ने कहा कि राफेल विमान बनाने वाली कम्पनी डसॉल्ट एविएशन ने 13 मार्च, 2014 को एक वर्कशेयर समझौते के रूप में सरकारी कम्पनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 36,000 करोड़ रुपए के ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन वर्ष 2015 में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की भाजपा सरकार ने एकतरफा घोषणा की और सरकारी कम्पनी एचएएल को इस सबसे बड़े डिफेंस ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट से अलग कर दिया गया और इसे एक निजी क्षेत्र की कम्पनी को दे दिया गया।

हुड्डा ने कहा कि इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में रक्षा खरीद प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया और कॉन्ट्रेक्ट नेगोसिएशन कमेटी और प्राईज नेगोसिएशन कमेटी को भी दरकिनार किया गया। उन्होंने कहा कि उक्त खरीद प्रक्रिया में कैबीनेट कमेटी ऑन सिक्यूरिटी को भी अंधरे में रखा गया और इतने बड़े मामले में मंत्रीमण्डल की बैठक को भी खरीद समझौते को अंजाम देने के मात्र दो दिन पहले आयोजित की गई।

हुड्डा ने कहा कि खुद रिलायंस डिफेन्स लिमिटेड ने फरवरी, 2017 में प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सूचित किया था कि रिलायंस ऐरोस्पेस लिमिटेड का डॉसल्ट ऐविएशन के साथ ज्वाईंट वेन्चर डॉसल्ट रिलायंस ऐविएशन गठित किया गया है, जिसमें डॉसल्ट ऐविएशन के ऐरीटेपियर चेरयमेन हैं और अनिल अम्बानी को-चेयरमैन हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्पूर्ण प्रक्रिया से साबित हो गया है कि राफेल खरीद घोटाले में बड़ा भ्रष्टाचार है और इसकी कीमत को छिपाकर सरकार इस प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार पर पर्दा डालना चाहती है।

वहीं पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यूपीए सरकार के दौरान 526 करोड़ रुपए में आने वाला राफेल विमान भाजपा सरकार में 300 प्रतिशत महंगा कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि 126 विमान की जगह सिर्फ 36 विमान ही क्यों खरीदे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही उक्त खरीद प्रक्रिया में अपारदर्शिता के कारण सरकार से जेपीसी गठन की मांग कर रही है, ताकि खरीद प्रक्रिया की स्पष्ट वस्तुस्थिति सामने आ सके।

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