जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बढने लगा डस्ट पोल्युशन

जागरूक टाइम्स 97 Aug 12, 2019

जैसलमेर : जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बढ रहे डस्ट पोल्युशन से यहां आने वाले यात्रियों व रेल कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। रेलवे स्टेशन पर जमा कंकरीट को भरते समय उडने वाली कंकरीट के कण हवा के साथ लोगों के शरीर में पहुंच रहे है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। रेलवे स्टेशन पर कई बार यह प्रदूषण इतना बढ जाता है कि लोगों का सांस लेना भी मुष्किल होता है। यहां रेलकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों व आस-पास की रहवासी काॅलोनियों में रहने वाले लोगों में बीमारियां फैलने की आषंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

जैसलमेर रेलवे स्टेशन को छोडकर कहीं पर भी कंकरीट-मिट्टी की ढुलाई उस स्टेशन पर नहीं होती, जहां से यात्रियों का आवागमन होता है। जैसलमेर भ्रमण के लिए आने वाले सैलानी रेल यात्रा कर जैसलमेर आते है, लेकिन यहां पर पहुंचने पर वे अपने हाथों से नाक को सिकोडते हुए बाहर निकलते है। उनके लिए धूल भरी हवा में श्वास लेना काफी मुष्किल होता है।
जैसलमेर में कंकरीट प्रचुर मात्रा में है। ऐसे में यहां से विदेषों व बाहरी राज्यों में इनकी आपूर्ति की जाती है। खनन किए गए माल का अधिकतर हिस्सा रेल मार्गो से भेजे जाने से जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर डस्ट पोल्युशन के हालत बने है। ऐसे में बोगियों में भरते समय यहां रेल के गुब्बार तेजी से फैलते है।

जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बढ रहे डस्ट पोल्युशन को जांचने के लिए यंत्र की आवष्यकता है, लेकिन यहां विभाग की ओर से इस संबंध में कोई कार्यवाहीं नहीं की गई है। ऐसे में यहां के लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे ही है। यहां बढ रहे डस्ट पोल्युशन को रोकने व माल लाने की परेषानी से निजात दिलाने के लिए रेल विभाग ने 8 साल पूर्व रेलवे स्टेशन से सोनू तक रेलवे लाइन बिछाने के लिए 139 करोड रूपए की स्वीकृति दी थी। रेल बजट में भी रेल लाइन को स्वीकृत किया गया था। बावजूद इसके स्वीकृति के इसका स्थानांतरण नहीं हुआ है।


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