चतुर्दशी पर संवारा रूप, खुशियों का पर्व दिवाली कल

जागरूक टाइम्स 68 Nov 7, 2018

- हर्षोल्लास से मनाई रूप चौदस, बाजारों में खरीदारी का दौर जारी

- पूरा शहर आकर्षक रोशनी से नहाया

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

शहर में रोशनी एवं दीपों का त्यौहार दीपावली पर्व बुधवार को धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दीपोत्सव मनाने के लिए पूरे शहर में आकर्षक रोशनी व साज-सज्जा की गई है। हर गली-मौहल्ले में पटाखों की गूंज सुनाई दे रही है। इससे पहले मंगलवार को रूप चतुर्दशी मनाई गई। रूप चतुर्दशी पर शहर में सौन्दर्य प्रसाधन सामग्रियों की जमकर बिक्री हुई। धनतेरस की तरह आज भी शहर के सभी प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ दिखाई दी। धनतेरस पर जो लोग खरीदारी से वंचित रह गए थे उन्होंने आज खरीदारी की।

खुशियों का पर्व दीपोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को रूप चतुर्दशी मनाई गई। रूप चतुर्दशी पर महिलाआें ने अपने रूप को निखारा और खूब श्रृंगार किया। इतने दिनों से घर की साफ-सफाई, सजावट व मिठाइयां बनाने में जुटी महिलाओं ने रूप चतुर्दशी पर खुद के लिए समय निकाला। घर के सारे कामों से फ्री होकर कुछ महिलाओं ने घर पर ही और किसी ने पार्लरों में जाकर रूप निखारा। इस कारण शहर के ब्यूटी पार्लरों में भीड़ रही। आधुनिक होने के बाद भी महिलाओं ने इस दिन का महत्व समझते हुए सोलह-श्रृंगार किया। महिलाओं ने इस दिन के लिए पहले से ही बुकिंग करवा रखी थी। सुबह व दोपहर को समय निकालकर महिलाएं ब्यूटी पार्लर गई। वहीं शाम को सज-धज कर महिलाओं ने घर-आंगन में दीप जलाए। साथ ही रंगोली व मांडणे से आंगन सजाए। इससे पहले रूप चतुर्दशी के अवसर पर आज सवेरे लक्ष्मीजी की बहिन दरिद्रता को घर से विदा किया गया। तड़के गृहिणियों ने स्नान करने के बाद घर के बाहर कूडे़ करकड़ के स्थान पर दीपक जलाए। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने से धन व एेश्वर्य की वृद्धि होती है। रूप चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी और छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि नरक से मुक्ति और यमराज को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन रूप चतुर्दशी है इसलिए आज शाम को कई लोगों ने चार बत्तियों का दीपक सूर्यास्त के समय घर के दरवाजे के बाहर रखा।

दूसरे दिन भी बाजारों में उमड़ी भीड़ 

रूप चतुर्दशी पर शहर के बाजारों में सबसे अधिक भीड़ महिलाआें की दिखाई दी। महिलाआें ने रूप चतुर्दशी पर सोलह श्रृंगार के सभी सौन्दर्य प्रसाधन सामग्रियों की खरीदारी की। इस खरीदारी में पुरूष भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी विभिन्न प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों की खरीदारी की। आज शहर के अधिकांश ब्यूटी पार्लर व हेयर सैलूनों में भीड़ रही। सबसे अधिक भीड़ कपडे़ व पटाखों की दुकान पर पड़ी। इसके अलावा ज्वैलरी शोरूम, इलेक्ट्रीक-इलेक्ट्रॉनिक आइटम, वाहन शो रूम आदि स्थानों पर भी भीड़ पड़ी। सभी बाजार खरीदारों से भरे नजर आए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने यहां पर वाहनों का प्रवेश निषेध कर दिया।

कल मनाया जाएगा रोशनी का पर्व

इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या सात नवंबर को है। अमावस्या के दिन बुधवार को महालक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाएगा। मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या की रात्रि को जागरण करके धन की देवी लक्ष्मी माता का विधिपूर्वक पूजन करने से मनुष्यों को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है। लक्ष्मी मां की प्रदोष काल, स्थिर लग्न में पूजा विशेष फलदायी मानी गई है। इसके अगले दिन गुरुवार को गोवर्धन पूजा होगी। पंच महापर्व का समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज पर्व से किया जाएगा। इस दिन विवाहित बहनें अपने भाइयों को घर पर आमंत्रित कर हाथों से भोजन खिलाने की परम्परा का निर्वहन करेगी। दीपावली के दूसरे दिन से सूर्यनगरी के सभी प्रमुख कृष्ण मंदिरों में मंूग व छप्पन भोग पूजन के साथ ही अन्नकूट महोत्सव आरंभ हो जाएंगे।

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