जैसलमेर रेंज में सेना की सुदर्षन चक्र वाहिनी के साथ

जागरूक टाइम्स 141 Oct 21, 2019

वायुसेना ने दुष्मन के ठिकानों को किया तबाह

जैसलमेर : भारतीय सेना की सुदर्षन चक्र वाहिनी व वायुसेना का संयुक्त युद्वाभ्यास फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। दो दिवसीय इस इस अभ्यास में थल सेना व वायु सेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्षन कर रही है। सोमवार को युद्वाभ्यास के दौरान पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज धमाकों से गूंज उठी और हमारे सैनिकों ने दुष्मन के ठिकानों पर अचूक बमबारी कर नेस्ताबूत कर दिया। इसके तहत के-9 वज्र गन ने अचूक निषाने साधे तथा अटैकिंग हेलिकाॅप्टर व वायुसेना के विमानों ने दुष्मन के ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी करते हुए उन्हें तहस-नहस कर दिया।

धमाकों के कारण पूरी रेंज में रेत का गुबार छा गया। असल में सीमा पार से लगातार मिल रहीं चुनौतियों के मद्वेनजर भारतीय सेना व वायुसेना अपनी मारक क्षमता को मजबूत और बेहतर बनाने में जुटी हुई है। इसी के अंतर्गत भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के हजारों सैनिक इन दिनों थार के रेगिस्तान में दिन-रात की एक वाॅर गेम एक्सरसाइज कर रहे है। भारतीय वायुसेना द्वारा कम समय में कैसे दुष्मन को नेस्ताबूद किया जाए की नीति पर थल सेना का साथ ले कर विजय प्राप्त करने का प्रदर्षन किया जा रहा है।

इस एक्सरसाइज में सेना की आम्र्ड, मेकेनाइज्ड व इफेंटी बिग्रेड की यूनिटस भाग ले रही है। खासकर दक्षिणी कमान की सुदर्षन चक्र काॅप्स इस युद्व अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अभ्यास में आर्टिलरी, आम्र्ड और मैकेनाइज्ड फोर्सेज, आर्मी एयर डिफेंस, आर्मी एविएषन के प्रहारक अटैक हेलिकाॅप्टर्स तथा एयरफोर्स संसाधनों के साथ स्पेषल फोर्सेस के बीच तालमेल का प्रदर्षन हुआ। मुख्य आकर्षण संयुक्त हथियार सामंजस्य, कई राॅकेट लाॅन्च सिस्टम के एकीकृत प्रदर्षन, नव प्रवर्तित सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन सिस्टम के-9 वज्र आदि कई अन्य हथियारों का मारक क्षमता का प्रदर्षन हुआ।

रेंज में भारतीय सेना ने वायुसेना के साथ मिलकर दिन रात के इस युद्वाभ्यास में गोलाबारी का ऐसा जलजला पेष किया कि पूरी रेंज धमाकों से गूंज उठी। कहीं हेलिकाॅप्टर निषाने साध रहे थे तो कहीं आधुनिक गन शत्रु के ठिकानों को बर्बाद कर रही थी। इसके अलावा राॅकेट लाॅन्चर से शत्रु के छद्वा ठिकानों पेट्रोल पंप, आतंकवादी ठिकानों आदि को नष्ट करने का अभ्यास किया जा रहा था। मुख्य अतिथि सेना की दक्षिणी कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सैनी थे।



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