एक बार एक बार फिर से होने जा रहा है आनंदपाल का एनकाउंटर, जानिए पूरा मामला...

जागरूक टाइम्स 484 Jul 30, 2018

जयपुर @ जागरूक टाइम्स

राजस्थान के कुख़्यात बदमाश आनंदपाल की जांच को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। गैंगस्टर आंनदपाल को लेकर जांच कर रही सीबीआई टीम एक बार फिर सक्रिय हुई है और जांच को तेज करने की क़वायद में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक कुख़्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर मामले में सीबीआई और सीएफएसएल टीम आंनदपाल के एनकाउंटर को वापिस री-क्रिएट करने जा रहे हैं।

मिली जानकरी के अनुसार 31 जुलाई को चूरू जिले के मालासर गांव में एनकाउंटर सीन री-क्रिएट करवाए जाने को लेकर रविवार को सीएफएसएल टीम चूरू पहुंची। बताया जा रहा है कि 10 सदस्यीय यह टीम दिल्ली से चूरू पहुंच चुकी है और एनकाउंटर की जांच के लिए सीन री-क्रिएट करने की तैयारियों में लगी है। जानकारी यह भी मिली है की सीबीआई ने आंनदपाल एनकाउंटर में शामिल हुए उन सभी अधिकारीयों को तलब भी किया है। इन में एसओजी, हरियाणा व राजस्थान पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।


बता दें कि कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह का 24 जून 2017 को चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के गांव मालासर में एनकाउंटर हुआ था। मालासर के श्रवणसिंह के घर में छुपे आनंदपाल का राजस्थान व हरियाणा पुलिस की स्पेशल टीम ने रात करीब 11 बजे एनकाउंटर किया था। उसी समय से आनंदपाल के परिजनों ने एनकाउंटर पर सवाल उठा दिए थे। बाद में परिजनों की मांग पर पूरा मामला सीबीआई का सौंप दिया गया।

सीबीआई की विशेष टीम आंनदपाल के एनकाउंटर के बाद उठी जांच की मांग के बाद से ही जनवरी 2018 से ही चूरू जिले में आनंदपाल एनकाउंटर मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। सीबीआई अब तक इस मामले में करीब 250 लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें राजस्थान, हरियाणा पुलिस, राजपूत समाज के नेता, आनंदपाल सिंह व मालासर के श्रवणसिंह के परिजन भी शामिल हैं।

सीबीआई के डीएसपी सुनीलसिंह रावत के अनुसार अब तक की जांच और रिपोर्ट के बाद गांव मालासर में एक बार फिर से आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर और क्राइम सीन तैयार किए जाने की बात पहले ही कही गई थी।

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आनंदपाल की फरारी से एनकाउंटर तक की कहानी

-आनंदपाल नागौर जिले की लाड़नूं तहसील के गांव सांवराद का रहने वाला था। पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ा और जीता। प्रधान का चुनाव हारा।

- धीरे-धीरे आनंदपाल अपराध की दुनिया में आ गया। जेल हुई। सितंबर 2015 को परबतसर में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।

- राजस्थान पुलिस ने आनंदपाल की तलाश में एडी-चोटी तक का जोर लगा दिया। नहीं मिला तो उस पर पांच लाख इनाम भी रखा।

- 24 जून 2017 को पुलिस को इत्तला मिली कि आनंदपाल चूरू जिले के गांव मालासर में श्रवण सिंह के घर छुपा हुआ है।

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- राजस्थान और हरियाणा पुलिस की विशेष टीम ने रात को श्रवणसिंह के दबिश दी और आनंदपाल का एनकाउंटर कर डाला।

- 25 जून को रतनगढ़ के राजकीय अस्पताल अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की ओर से शव का पोस्टमार्टम किया गया था।

- उसके बाद एक जुलाई को चूरू के राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की टीम से आनंदपाल सिंह के शव का दुबारा पोस्टमार्टम किया गया था।

- दो जुलाई की सुबह पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में गांव सांवराद में आनंदपाल के परिजनों को उसका शव सौंप दिया गया था।

- परिजनों ने आनंदपाल के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कई दिन तक उसका दाह संस्कार नहीं किया।

- राजपूत व रावणा राजपूत समाज की मांग के बाद 24 जुलाई 2017 को राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

- 15 नवंबर 2017 को सीबीआई ने जांच से इंकार कर दिया था। इसके बाद 17 दिसम्बर 2017 को राज्य सरकार ने फिर से रिमाइंडर भेजा।

- इस बार के रिमाइंडर में राजस्थान में कानून व्यवस्था बिगडऩे का हवाला दिया गया।

- 26 दिसम्बर 2017 को यह साफ हो गया था कि आनंदपाल मामले में जांच सीबीआई की ओर से की जाएगी।

- छह जनवरी 2018 को सीबीआई ने मालासर में एनकाउंटर व सांवराद में उपद्रव को लेकर तीन मामले दर्ज किए थे।

- इस मामले में सीबीआई की जांच अभी जारी है।

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