मसूरिया बाबा रामदेव का 15 दिवसीय मेला शुरू

जागरूक टाइम्स 63 Sep 9, 2018

- बीज पर सुबह होगी महाआरती, मेला परिसर में सवा तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

जोधपुर @ जागरूक टाइम्स

मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में भाद्रपद अमावस्या रविवार को 15 दिवसीय मेले का उद्घाटन हुआ। इसके साथ ही बाबा के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की तादाद को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा सुविधा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए है। श्री पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के पदाधिकारियों और जिला कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने मंदिर के गर्भ गृह के द्वार पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। मेले में आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए सवा तीन सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्काउट गाइड भी सेवाएं दे रहे हैं। जातरुओं के लिए पानी चिकित्सा की भी पूरी व्यवस्था रखी गई है। 

सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक लोक देवता बाबा रामदेव का अवतरण दिवस मंगलवार को भादवा सुदी बीज (बाबा की बीज) के रूप में मनाया जाएगा। इससे पूर्व रविवार को बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ की समाधि पर मेला शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में बाबा के भक्त उमड़े और कतारों में खड़े होकर दर्शन किए। पीपा क्षत्रिय मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए है। पुलिस ने देशभर से आ रहे जातरुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हं। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के नेतृत्व में सवा तीन सौ पुलिस व 75 होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है जो 12 सितम्बर तक मेला परिसर में तैनात रहेंगे। पूरा मसूरिया मंदिर सीसी टीवी कैमरे की कैद में है। मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से करीब चार दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। मेला परिसर में स्वच्छता रहे, इसके लिए पुरुषों के लिए सोलह और महिलाओं के लिए भी इतने ही टॉयलेट बनाए गए है, जिनकी रोजाना दो-तीन बार सफाई होती है। अब तक लाखों जातरुओं ने मंदिर के दर्शन कर लिए हैं। जातरूओं के लिए रोडवेज ने विशेष बसें संचालित कर रखी है। जातरूओं की भारी भीड़ के कारण शहर की सड़कों पर यातायात की चाल धीमी हो गई है। हर साल मेले में राजस्थान सहित गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से करीब 30 लाख और पूरे साल में 40 लाख से अधिक जातरू यहां दर्शन के लिए आते है।

जातरुओं की रेलमपेल लगी 

बाबा रामदेव के दर्शन को जातरुओं की रेलमपेल लगी हुई है तो सेवा के भंडारे भी पग-पग पर लग हुए है। सड़क किनारे जगह-जगह लगाए रामरसोड़े जातरूओं की सेवा कर रहे है। भंडारों में इनके लिए न केवल विश्राम बल्कि जलपान और आवास की सुविधा भी मुहैया कराई गई है। जातरूओं की चरण धूली से भी सेवादार पुण्य अर्जित करने में जुटे हुए है। कई सेवादार बताते है कि वे लम्बे समय से सेवा कार्य में लगे हुए है। भादरवे माह में बाबा के जातरूओं का आवागमन शुरू होने के साथ ही वे सेवा कार्य में लग जाते हैं।

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