विधायक बिश्नेाई ने प्रशासन व सरकार के खिलाफ ठोकी ताक, बैठे आमरण अनशन पर, जानिए पूरा मामला...

जागरूक टाइम्स 1215 Jul 4, 2018

सांचौर @ जागरूक टाइम्स
क्षेत्र के किसानों की विभिन्न समस्याओं का लम्बे समय से समाधान नहीं होने के खिलाफ विधायक सुखराम बिश्नोई बुधवार को यहां उपखंड कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। इससे पूर्व मंगलवार को विधायक ने राज्यपाल व राज्य सरकार को उपखंड अधिकारी के जरिए ज्ञापन भी भेजा था।

धरने को सम्बोधित करते हुए विधायक सुखराम बिश्नोई ने कहा कि चितलवाना क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में तीन साल बाद भी कृषि आदान अनुदान की राशि २५-३० फीसदी तक बकाया चल रही है। दांतिया व डांगरा के अधिकांश लोगों को ही अनुदान से वंचित कर दिया गया। जबकि गत साल का अनुदान दोनों उपखंडों में अब तक किसी को नहीं दिया गया है। कई किसानों की अनुदान राशि जिला कलेक्टर ने वापस सरकार को भेज दी। इसके लिए कई बार जिला प्रशासन को अवगत भी करवाया, लेकिन हालात जस के तस है।

नहीं मिला बाढ़ का मुआवजा

विधायक सुखराम बिश्नोई ने कहा कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में कई लोगों को अब तक बाढ़ का मुआवजा नहीं मिला है। बावरला ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, लेकिन पीडि़त परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर की मंगल इलेक्ट्रीकल फर्म को दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत एपीएल व बीपीएल परिवारों को घरेलू बिजली कनेक्शनों से जोडऩे के लिए कार्यादेश जारी किया गया था। जिसके तहत मार्च 2019 तक सभी कनेक्शन दिए जाने हैं, लेकिन सांचौर क्षेत्र में 8333 एपीएल व 5454 बीपीएल परिवारों में से अब तक महज 1211 कनेक्शन ही दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्म की ओर से विधानसभा क्षेत्र में 20 टीमें कार्यरत होने का दावा किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि नवम्बर 2017 से अब तक क्षेत्र में महज दस फीसदी ही कार्य हो पाया है। फर्म के पास तो ना तो सामग्री है और ना ही दक्ष कार्मिकों की टीम। अगर इसी तरह कार्य होता रहा तो अगले पांच साल में भी कार्य पूर्ण नहीं होगा।

को-ऑपरेटिव बैंक प्रबंधन को भी आड़े हाथों

उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की बारह शाखों में से ग्यारह में किसानों के वसूली पेटे चक जमा करके ऋण देने की तैयारी चल रही है, लेकिन चितलवाना शाखा व्यवस्थापक ने किसानों से चेक लेने से ही इनकार कर दिया। ऐसे में किसानों को ना तो ऋण मिलेगा और ना ही उनकी फसल का बीमा हो पाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक शाखा की लापरवाही से चेक जमा नहीं होने के कारण किसानों को पूरे साल का ब्याज चुकाना पड़ेगा। उन्होंने जाति के आधार पर बीएलओ केा हटाने का आरोप भी लगाया।

प्रशासन अपना रहा भेदभावपूर्ण रवैया

विधायक ने आरोप लगाया कि विभिन्न मांगों को लेेकर उन्होंने जिला कलेक्टर, डिस्कॉम व को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी से कई बार व्यक्तिगत व मौखिक निवेदन भी किया, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। उन्होंने सांचौर क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनाने व समस्या समाधान नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर उन्हें अनशन व धरना करना पड़ रहा है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इस पर ध्यान नहीं देती।

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