जीवित विधवा को बताया प्रपत्र में मृतक, कार्मिकों की कारस्तानी

जागरूक टाइम्स 1341 Oct 10, 2018

- एक विधवा महिला को दिशावर मे उसके पुत्र के पास मिलने जाना पड़ा भारी, पेंशन में बाधा

बागोड़ा @ जागरूक टाइम्स

कस्बे की एक विधवा महिला को दिसावर मे नौकरी के लिए प्रवासरत अपने पुत्र को मिलने जाना भारी पड़ गया। पंचायत कार्मिकों ने जीवित विधवा महिला को ही प्रपत्र में मृतक बताने की कारस्तानी कर दी। अब पांच माह से रुकी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पेंशन को पुन: शुरू करवाने के लिए जीवित होने के साक्ष्य पेश करने मे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

हुआ यूं कि बागोड़ा निवासी ओटीदेवी पत्नी स्व. प्रतापाराम सुथार को सरकार की ओर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत माह वार पांच सौ रुपए पेंशन के तौर पर मिलते थे, जो एसबीआई शाखा बागोड़ा में उसके अकाउंट मे आनलाइन जमा होते थे। यह विधवा महिला जरूरत के अनुसार खाते में से राशि निकालती थी, लेकिन पांच माह पूर्व अपने पुत्र मंगलाराम व उसके परिवार को मिलने दिसावर चली गई। उसके बाद अब दस दिनों पहले घर लौटी तो पेंशन की राशि प्राप्त करने बैंक गई, लेकिन खाते में पांच माह से उसके पेंशन के तौर पर फूटी कोड़ी तक जमा नहीं हुई। उसके पुत्र गोरखाराम ने ग्राम पंचायत जाकर पड़ताल की तो अलग ही कहानी सामने आई। उसकी विधवा माता ओटीदेवी को पंचायत कार्मिकों ने प्रपत्र में मनगढंत मृत्यु होना बताया। जिससे उसकी पेंशन अब अटकी पड़ी है।

मेरी माता जीवित है

विधवा के पुत्र गोरखाराम ने आरोप लगाया है कि उसकी मां ओटीदेवी जीवित है, जो पांच माह दिसावर में हमारे साथ रह रही थी। ग्राम पंचायत कार्मिकों ने तीन माह पेंशन प्राप्त नहीं करने या सत्यापन के अभाव में बिना किसी पड़ताल के मृत्यु होना बता दिया। अन्यत्र जाने का उसका कारण भी कार्मिक लिख सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर उसकी मौत होना बताया। अब पेंशन के लिए उसके जीवित होने के साक्ष्य प्रस्तुत करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अप्रेल 2018 तक ही पेंशन मिली है। 

इनका कहना है

विधवा महिला की पेंशन मृत्यु दर्ज होने से रुकी है तो उसमें कम्प्यूटर इंद्राज के समय गलती हुई होगी। इस सम्बंध में भीनमाल पंचायत समिति जाकर जानकारी जुटाने के साथ ही दोबारा पेंशन शुरू करवा दी जाएगी।

- मोहनलाल विश्नोई, ग्राम विकास अधिकारी, बागोड़ा

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