दस साल से संजोय सपने जवाई नदी से होगे साकार

जागरूक टाइम्स 64 May 24, 2018
सुराणा। पश्च्मिी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध से खोले तीन गेट से सोमवार को पानी जालोर जिले में पहुचने पर जिले भर में खुशी का महौल बना हुआ है। कहीं नदी तट में देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है तो कही जवाई बाध के पानी कहां तक पहुचने की सूचना ले रहे है। कहीं पानी पहुचने के इन्तजार में नदी का पूजन करने को लेकर होड़ मची हुई है। किसानों के लिए सौगात लेकर आई जवाई नदी को यहां माता के रूप में माना गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह किसानों के लिए दस साल बाद आई जवाई नदी का पानी महिनों तक चले तो पांच से दस साल के लिए सुकाल रहता है। जालोर जिले की जीवन रेखा मानी जाने वाली जवाई नदी के पिछले लगातार दस सालों से सूखा होने के कारण इसके आस-पास गांवों के खेतों में कुए भी सूखने लगे है । इन कुओं में अब बिल्कुल भी पानी नहीं रह गया है जिसका सीधा असर अब खेती पर पडऩे लगा है । कुओं में झांकते ही पानी दिखाई देता था लेकिन जैसे-जैसे जवाई नदी सूखती गई खेतों में फसलों का उत्पादन भी गिरता गया। इस नदी में वर्ष १९९०में यह नदी पूरे वेग के साथ करीब दो महिने तक चली थी जिससे कुओं का पानी का जलस्तर उपर तक आ गया था । इसके अंतिम बाद इस नदी में वर्ष २००६ में थोडा पानी की आवक हुई थी। जिसके कारण रिचार्ज हुए कुओं से अब तक काम चल रहा था । इसके बाद दस सालों से इन्तजार कर रहे किसानों का एक बार फिर सपना साकार करने वाली जवाई नदी का पानी जालोर जिले में पहुचने से जिले भर में सूखते जा रही कुओं की भर पाई जवाई नदी से पूरी हो रही है । उसके बाद जवाई में भी सालों बाद पानी नहीं आने से कुओं का जलस्तर ४००फिट से अधिक निचे जा चुका है। जिसके कारण किसान भी चिंतित नजर आ रहे है २००६ के बाद पानी का बहाव नहीं होने से इस नदी के आस-पास स्थित कृषि कुओं के तले दिखाई देने लग गए है। नदी के किनारे में बहुत व्यापक स्तर पर कृषि कुएं है जो बारिश के दिनों में इस नदी में पानी का बहाव होने पर ही रिचार्ज हो पाते है लेकिन इस बार जवाई बांध में पानी के आवक के चलते इस बार गेट खोलने से जवाई नदी में हुई पानी की आवक से १९९०के जुलाई तथा २००६ में जवाई नदी में पानी का बहाव हुआ था। इसी तरह इस बार भी पानी की आवक से कुओं का जलस्तर बढऩे से किसानों को काफी फायदा होगा। जवाई नदी में पानी की आवक से इन गांवां को होगा फायदा:- जवाई नदी में पानी की आवक से जिले के बिशनगंढ़, साफाड़ा, उम्मीदेबाद, केशवना, सायला, थलवाड़, तूरा, आसाणा,पोषाणा, देता, कोमता, विशाला, सुराणा, हरमू, तिलोड़ा, पुनड़ाउ, दादाल, बागौड़ा समेत नदी किनारेों पर बसे हुए विभिन्न गांवों में फायदा होगा। इससे पहले वर्ष २००६ में आया था पानी :- क्षेत्र के गांवों से होकर गुजर रही इस नदी में इससे पूर्व वर्ष २००६ में पानी आया था उस समय जवाई बांध के गेट खोले गए थे। जिससे इन गांवों को काफी फायदा हुआ था। पिछले दस सालों में एक बार भी नहीं हुई पानी की आवक, जिससे खेत और कुएं सुखने लगे थे। किसानों को सिंचाई का पानी तक नहीं मिल पा रहा था। इस बार जवाई बांध के गेट खुलने से किसानों में खुशी की लहर सा गई है। इनका कहना है जवाई बांध के तीन गेट खुलने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों को नदी किनारे पशुओं को न चराए व नदी किनारे नही जाने की हिदायत दी। साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों को उचित स्थान पर ठहरने की अपील की। -सरपंच भीमसिंह दहिया सुराणा पर्यावरण प्रेमी का कहना है कि जल ही जीवन है उन्होंने कहा कि जवाई नदी यहां के किसानों की माता मानी जाती है इससे आने वाले पानी से जलस्तर बढ़ेगा व किसान खुशहाल रहेगे -मुरारदान बारठ हरमू

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