सांसद पटेल मिले PM मोदी से जालोर-सिरोही में विभिन्न विकास कार्यो करवाने की रखी मांग

जागरूक टाइम्स 164 May 24, 2018
सांसद देवजी पटेल ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सांसद पटेल ने मोदी से संसदीय क्षेत्र जालोर-सिरोही में विभिन्न विकास कार्यो करवाने की मांग रखी। जिसमें बीकानेर-दादर सुपरफास्ट ट्रेन को नियमित करने, माही बजाज परियोजना शुरू करने, सिरोही जिले में नर्मदा नहर परियोजना का पानी उपलब्ध करवाने, भवातड़ा में सुखा बंदरगाह एवं मानपुरा हवाई पट्टी का विकास करने की मांग रखी। बीकानेर-दादर सुपरफास्ट ट्रेन को नियमित किया जायें: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान सांसद पटेल ने बताया कि उत्तर-पश्चिम रेलवे के अंतर्गत समदडी-भीलड़ी रेल लाइन को ब्रोडगेज में तब्दील हुए समय बीत गया, लेकिन यात्री सुविधाओं का नितंात अभाव हैं। इस रेल खंड पर नाम मात्र की यात्री गाडियां चल रही हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि बीकानेर से दादर के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली बीकानेर-दादर सुपरफास्ट ट्रेन 12489/12490 के फेरे बढ़ाने की आवश्यकता लम्बे समय से महसूस की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्व में भी कई बार मांग भी की जा चुकी हैं। इस टेªन को जिले से पर्याप्त राजस्व भी मिल रहा हैं। यात्री भार को देखते हुए इसके फेरे पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस गाडी को नियमित कर दिया जायें तो रेल मंत्रालय के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ यात्रियों को भी लम्बी प्रतिक्षा सूची से भी राहत मिलेंगी। माही बजाज परियोजना शुरू की जायें: सांसद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान माही नदी का पानी जालोर, सिरोही, बाड़मेर, पाली जिलो को सुलभ कराने की महत्वकांक्षी योजना 25 साल से कागजों में दफन है ऐसे में आमजन के साथ ही भूमिपुत्रों की उम्मीदें भी टूटने लगी है। दरअसल, वर्ष 1966 में राजस्थान व गुजरात सरकार में हुए समझौते के अनरूप माही परियोजना की कयावाद शुरू हुई। इसके बाद गुजरात सरकार ने राज्य को पानी की आवश्कता का हवाला देते हुए पानी देने से मना कर दिया। बाद में समझौता कमेटी के जरिए इस पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए। वर्ष 1988 में आखिर बार इस पर मंथन किया गया। इसके बाद से यह परियोजना कागजों में दफन है। इस परियोजना के तहत बांसवाडा से सुरंग बनाकर जालोर, सिरोही, बाडमेर, पाली के अनेक गांवो को माही नदी से पानी दिया जाना था। योजना से समांतर 5.94 लाख एवं 7.11 लाख एकड़ भूमि को लिफ्ट से सिचिंत किया जाना प्रस्तावित था। माही बजाज परियोजना की खोसला कमेटी एवं राजस्थान-गुजरात समझौते के अनुसार पानी की मात्रा 40टीएमसी है। निष्पादित अनुबंध के अनुसार गुजरात राज्य से राजस्थान में उपयोग के लिए सहमति प्राप्त करने एवं इस जल उपयोग के माही बेसिन मास्टर प्लान का कार्य राज्य सरकार स्तर पर नेशनल वाटर डवलपमेंट एजेंसी नई दिल्ली को आवंटित किया हुआ है। पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा के चलते एवं गिरते भू-जल स्तर से पूरा जिला डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। गिरते भू-जल स्तर के स्थाई समाधन व जिले को हरा भरा बनाने के लिए माही बांध की वर्षो पुरानी प्रस्तावित योजना का मूर्त रूप देने की आवश्यकता है। नर्मदा नहर परियोजना का कार्य शीघ्र पूर्ण करवाया जायें: सांसद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा के दौरान नर्मदा नहर का मीठा पानी जालोर, आहोर के लोगों को सप्लाई के लिए मार्च 2013 रख गया था, लेकिन इस लक्ष्य को अभी तक पुरा नही किया जा सका है। जालोर जिले की जनता को एक घड़े पानी के लिए दिन-रात मशक्त करनी पड रही हैं। इस जिले के भंवरानी में एक घडे पानी के लिए पहरेदारी करनी पड रही हैं। वैज्ञानिकांे के अनुसार भू-जल पानी पीने योग्य नहीं हैं। पानी में टीडीएस की मात्रा 2400 से अधिक है। ऐसी स्थिति में पानी में फ्लोराइड व खारे पानी की अधिकता होने से ग्रामीणों को हलक तर करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकना पड रहा हैं। लोग बूंद बूदं पानी को तरस गए हैं अतः जल्द से जल्द नर्मदा नहर का कार्य पुरा करवाने की आवश्कता है। भवातड़ा में सुखा बंदरगाह का कार्य शुरू किया जायें: सांसद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा के दौरान जालोर जिले के भवातडा नेहड क्षेत्र में दूर-दराज के एरिया में स्थित है। इस क्षेत्र में 56 हजार बीघा सरकारी जमीन जो दलदल के रूप में पड़ी हैं, जिसका कोई उपयोग नहीं हैं। इस जमीन पर न तो आबादी बसी है और न ही कोई कब्जा है। लवणीय पदार्थ की घनत्वता के कारण इस पर खेती भी नहीं हो सकती है। वही लुणी नदी के प्रवाह क्षेत्र में आने से यह भू-भाग कच्छ रण से सीधा अरब सागर मंे जाकर मिलता है। इसी रास्ते पर 500 मीटर चैड़ी व 20 मीटर गहरी नहर के रूप में विकसित कर भवातडा के रणखार में बंदरगाह का मुख्य स्टेशन निर्मित किया जा सकता है। मानपुरा हवाई पट्टी से नियमित वायुयान सेवा शुरू की जायें: सांसद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा के दौरान बताया कि सिरोही जिला में माउंट आबु एवं शक्ति पीठ अम्बा माताजी मंदीर दो विश्व स्तरीय प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। माउंट आबु राजस्थान की ग्रिष्मकालिन राजधानी हैं। राज्य भवन एवं पुरा सचिवालय माउंट आबू से संचालित होता हैं। पर्यटन की दृष्टि से देखने लायक स्थल तथा वातावरण के अनुरूप घुमने लायक स्थल है। 50 नये टूरिस्ट सर्किट व गतव्य स्थलों की सूची में माउंट आबू को सम्मिलित किया गया है। माउंट आबू में केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का (ब्ण्त्ण्च्ण्थ्) आफिसर ट्रेनिग सेंटर है। सेना की दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण है। यहाॅ प्रति वर्ष लाखांे की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। ब्रह्माकुमारी समाज का विश्व मुख्यालय माउंट आबु है जो दुनिया का मशहुर धर्मिक समुदाय है। अतः मानपुर आबूरोड हवाई पट् का विकास कर नियमित वायुयान सेवा प्रारम्भ की जायें। मोदी ने सकारात्मक कार्यवाही करवाने का दिया आश्वासन: सांसद देवजी पटेल ने संसदीय क्षेत्र जालोर सिरोही में विकास हेतु बीकानेर-दादर सुपरफास्ट ट्रेन को नियमित करने, माही बजाज परियोजना शुरू करने, सिरोही जिले में नर्मदा नहर परियोजना का पानी उपलब्ध करवाने, भवातड़ा में सुखा बंदरगाह एवं मानपुरा हवाई पट्टी का विकास करने की मांग रखी। प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी ने इस प्रमुख मुद्दों को यथाशीघ्र शुरू करवाने का सांसद पटेल को आश्वासन दिया।

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