बाल काटने की अफवाह, सोशल मीडिया पर प्रशासन की अपील

जागरूक टाइम्स 119 May 24, 2018
जालोर। बीकानेर से शुरू हुई बाल काटने की घटनाओं का सिलसिला अब जालोर जिले तक पहुंच चुका है। जिले में सांचौर, पोषाणा व बावतरा समेत चार स्थानों पर रात को सोती हुई महिलाओं के बाल काटने की घटनाओं की बात सामने आई है। हालांकि इसमें सच्चाई कितनी है ये अभी तक पुष्ट नहीं है, लेकिन खासकर सुदूर इलाकों में इन दिनों ये बात ज्वलंत सनसनी के रूप में फैली हुई है। जिस कारण भय का माहौल व्याप्त है। इसी भय को दूर करने के लिए जालोर डीएसपी डॉ. दुर्गसिंह राजपुरोहित ने इस प्रकार की घटनाओं के बारे में विस्तृत संदेश बनाकर जनहित में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है ताकि इस प्रकार की अफवाहों से आमजन भी अपना बचाव कर सके। वहीं डिप्टी ने बताया कि इन मामलों का पता लगाया है, जो सिर्फ अफवाहें है। ये सब मन के वहम है इसको इतना तूल मत दो, हां, बाल भी कट सकते हैं, ऐसे दौरे भी पड़ सकते हैं, पर कोई दूसरा आकर ऐसा करके चला जाए वो भी कोई अदृश्य शक्ति ऐसा संभव नहीं हो सकता। आप ये पूरा पढ़ेें खुद यकीन करेंगे। आप गंभीरता से इस विषय पर सोचेंगे तो कई राज सामने आएंगे। अगर कोई अदृश्य शक्ति या तांत्रिक ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहा है तो वो पूरे गांव के एक या 2 घरों में ही क्यूं करेगा, सीधा पूरे गांव हर गांव घर घर प्रत्येक महिला के बाल एक ही रात में काट सकता है, क्यूंकि उसके पास तो शक्ति है। अनेको रूप धारण कर सकता है और हवा से भी तेज चलता है तो फिर वो एक औरत के ही बाल क्यों काट रहा है। ये घटनाएं सिर्फ उन्हीं परिवारों या महिलाओं के साथ हो रही हंै जो अनपढ़ हैं। किसी शिक्षित परिवार के साथ अभी तक नहीं हुई। ये घटनाएं सिर्फ और सिर्फ उन्हीं महिलाओं के साथ होती हंै जिनको हिस्टीरिया टाइप के दौरे पड़ते हैं या वो किसी मानसिक अवसाद से ग्रस्त है, या किन्ही भोपों के चक्र में रहती है या मानसिक बीमार है दवाई चल रही है सिर्फ ऐसी ही औरतें इसका शिकार बन रही है। ये सचाई है आप सर्वे कर सकते हैं, जिनके भी साथ ये हुआ है, उनको किसी न किसी प्रकार का टेंशन जरूर है। कभी कभी रात को सोते हुए अपने खुद के सीने पर हाथ आ जाता है और हम बड़बड़ाने लगते हैं और खुद ऐसा महसूस करते है जैसे हमारे ऊपर कोई बैठ गया है। एक दम से दम घुटने लगता है और बेचेन हो जाते है। 100 में 1 इंसान ऐसा होता है जिनको नींद में चलने की बीमारी होती है। वो घोर नींद में उठ जाता है और दिन को कुछ सोच रखा होता है वो कार्य करने की फिराक में बाहर निकल जाता है, कोई ठोकर लगने पर जाग जाता है और वापिस आकर सो जाता है ए ऐसा भी आपने सुना होगा। हिस्टीरिया है इन घटनाओं का कारण कोई जागरण या नवरात्रि में गरबों के प्रोग्राम आपने देखे होंगे उसमे जब कालिका का भजन या गाना आता है तो वहाँ बैठी 20 से 40 औरतें एक साथ जोर जोर की आवाज निकालती है। इसे मास हिस्टीरिया कहते है। ये एक प्रकार की बीमारी है और ये अफवाहों से भी फैलती है और दिमागी बीमार के ऊपर इसका 100 प्रतिशत असर पड़ता है, जैसा वो दिन भर लोगों से सुनती है वैसा रात्रि में अधोनिंद्रा में खुद इस काम को अंजाम देती है। कुड़ा गांव मे दिन-दहाड़े महिला के कटे बाल रानीवाडा। पिछले एक माह से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर एवं जोधपुर में बाल कटने और शरीर पर त्रिशूल बनने की तथा कथित घटनाओं की चर्चाओं ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। महिलाओं के बाल काटने, सिर बदन में बिंदिया लगाने तथा त्रिशूलनुमा आकृति बनाने जैसी अफवाह रानीवाड़ा उपखण्ड मुख्यालय पर भी फैलने लगी है। रविवार को रानीवाड़ा तहसील के कुड़ा गांव में बाल काटने की घटना सामने आई है। गांव की आबादी क्षेत्र में स्थित मकान पर दिन-दहाड़े 12 बजे कुडा निवासी रमीला देवी पत्नी अरविन्द •ाील की चोटी काटी गई, वहां पर कटे हुऐ चोटी के बाल पड़े हुऐ थे जिन्हें देखने के लिए गांव का हुजुम उमड पडा। सूचना के बाद पुलिस हैड कांस्टेबल राजुराम मय जाब्ते के मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। अंधविश्वास अशिक्षा के चलते ग्रामीणों द्वारा ऐसी अफवाहों के खौफ से भ्रमित हो रहे हैं, जिसके चलते यह मामला अब पुलिस के लिए •ाी सिरदर्द बनता जा रहा है। प्रशासन की भी यही अपील है कि अफवाहों से सावधान रहे, किसी अनजान व्यक्ति के दिखाई देने पर तत्काल सूचना पुलिस प्रशासन को देवे। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर महिलाओं के बाल काटने वाले शख्स का मकसद क्या है।

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