रानीवाड़ा मेें उपद्रव के दौरान लाठी चार्ज व आंसु गैस के छोड़े गोले

जागरूक टाइम्स 74 May 24, 2018
रानीवाड़ा। एस.सी., एस.टी एक्ट में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बदलाव के निर्देश दिये जाने के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद के दौरान उपखण्ड मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करते हुए जबरन बाजार बंद करवाने को लेकर कई स्थानों पर झड़पें हुई। कस्बे के मुख्य चौराहे एवं मुख्य बाजार की दुकानों को जबरन बंद करवाने, व्यापारियों से बोलचाल के बाद दलित संगठनों के युवाओं ने दुकानों में तोडफ़ोड़ व लूटपाट करनी शुरू की जिससे मामला तनाव पूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों के द्वारा पुलिस पर पत्थरबाजी करने पर पुलिस ने जवाबी कार्यवाही करते हुए आंसु गैस छोड़कर हल्का लाठी बल प्रयोग किया। उपजे विवाद के दौरान ही असामाजिक तत्वों ने पंचायत समिति परिसर में स्थित अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया, प्रदर्शनकारियों ने कई बाईकों, एक जीप व दो होटलों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने पंचायत समिति परिसर से भीड़ को तितर-बितर कर दिया, परंतु उपद्रवी मुख्य मार्ग से हटकर काफी देर तक रेलवे ट्रेक पर जमे रहे। ट्रेक को सहारा देने के लिए रखे पत्थर लेकर उपद्रवियों ने निशाना साधा। उपद्रवियों की ओर से किए पथराव में एसडीएम हनुमानसिंह राठौड़ व डीएसपी हीरालाल रजक, पुलिसकर्मियों सहित २८ लोग चोटिल हुए। अनुमानित तौर पर दर्जनभर बाईक व जीप-कार आदि आग की भेंट चढ़ गए। उपद्रव के दौरान एक बाईक में देशी कट्टा भी बरामद हुआ। हालांकि उपद्रवियों ने एक जगह बिजली का ट्रांसफार्मर भी जलाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया। इससे सुबह बंद समर्थकों ने दुकानों में तोडफ़ोड़ व लूटपाट करते हुए कस्बे में जबरन बंद कराने का प्रयास किया। जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई, दुकान मेंं तोडफ़ोड़ व व्यापारी से मारपीट करने पर अन्य व्यापारी भी आक्रोशित हो गये। आक्रोशित व्यापारियों ने थाने पहुंचकर सुरक्षा की मांग की। इसी दौरान उपद्रवियों ने मुख्य मार्ग पर पहुंचकर भड़काऊ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर एसडीएम हनुमानसिंह राठौड़, तहसीलदार सुरेन्द्र पाटीदार, डीएसपी हीरालाल रजक, थानाधिकारी भूपेन्द्रसिह शेखावत ने मौके पर पहुंचकर समझाईश का प्रयास किया। लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर भी पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। आंसु गैस के गोले दाग कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। इसके बाद भीड़ पंचायत समित कार्यालय के पास बिजली के ट्रांसफार्मर तक पहुंच गई तथा जलाने का प्रयास किया। इस पर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करवा दी गई। उपद्रवियों ने कस्बे में विभिन्न जगह रखे वाहनों को आग लगा दी। बाद में पुलिस थाने पर भी उपद्रवियों के द्वारा पथराव किया तथा रेलवे ट्रेक पर पहुंचकर पथराव जारी रखा। माहौल बिगड़ते देख कस्बे में धारा १४४ लागू कर दी गई तथा इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई। बिजली आपूर्ति काफी देर बाद बहाल हो पाई। घायल एसडीएम व डीएसपी को राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। व्यापारियों ने जताया विरोध- कस्बे में दुकानों में लूटपाट व तोडफ़ोड़ की घटना के विरोध में व्यापारी संगठन ने पुलिस थाने पहुंचकर अतिरिक्त जिला पुािस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही की मांग की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दलित संगठनों के युवकों ने उत्पात मचाते हुए व्यापारियों के साथ मारपीट कर नुकसान पहुंचाते हुए जबरन दुकाने बंद करवाई। जिसको लेकर कस्बे में तनाव का माहौल बना, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने कार्यवाही का पूरा भरोसा दिलाया। धारा १४४ लागु, इंटरनेट सेवा बंद- उपद्रवियों के पत्थर व लाठी से हमला करने की स्थिति में उपखण्ड अधिकारी हनुमानसिह राठौड़ भी बाल-बाल बचे। स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने में दशहत का माहौल पैदा हो गया। तुरंत ही धारा-१४४ लागु की जो आज बुधवार तक जारी रहेगी। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई। पुलिस ने मुख्य सड़क से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसु गैस के गोले छोड़े। उपद्रवियों ने कस्बे की मुख्य सड़कों पर खड़े वाहनों में आग लगा दी। दुकानों के बाहर लगे सामान को सड़क पर फेंक दिया। ये हुए घायल- उपखण्ड अधिकारी हनुमानसिंह राठौड़, पुलिस उपाधीक्षक हीरालाल रजक रानीवाड़ा निवासी कमल, पुरण निवासी दिनेश, रानीवाड़ा तनुसिंह, टिंकलसिंह, हीराराम, धामसीन निवासी हिराराम, सिंगावास निवासी प्रकाश, विरोल निवासी विक्रमसिह, रतनपुर निवासी बाादरा, मेड़क निवासी अजा, कोडका निवासी मांगीलाल, पंसेरी निवासी जीवनंिसह, कागमाला निवासी लाखाराम, पुरण निवासी कान्तीलाल, भेराराम, हरीराम सहित २८ घायल हुए। शांतिभंग के आरोप में ९९ गिरफतार- एस.सी., एस.टी एक्ट में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बदलाव के निर्देश दिये जाने के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद के दौरान उपखण्ड मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करते हुए जबरन बाजार बंद करवाने को लेकर कई स्थानों पर उत्पात मचाते मॉडल स्कूल के प्रधानाचार्य अशोक परमार सहित ९९ जनों को शांति भंग के आरोप मे पुलिस ने गिरफतार किये।

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