एनकाऊंटर : वार्ता के बाद पोस्टमार्टम को हुए राजी, चार जनो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

जागरूक टाइम्स 68 May 24, 2018
सांचौर : तेलगांना पुलिस के एनकाऊंटर में बदमाश भीमसिंह की मौत के मामले को लेकर उपजा विवाद का मामले में पुलिस द्वारा ग्रामीणो की मांगे मानने व तेलगांना पुलिस के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने के बाद सुलट गया। जिसको लेकर २४ घंटे बाद मार्चेरी में रखे शव को पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पातल भेजने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान वारदात को लेकर जोधपुर महानिरीक्षक हवासिंह घूमरिया, बाड़मेर एसपी गगनदीप सिंघला, जालोर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शर्मा सहित तीन जिलो की पुलिस के साथ तैनात रही। वहीं भोमिया राजपूत समाज द्वारा मोर्चरी के बाहर शनिवार को अल सवेरे से धरना प्रदर्शन करते हुए मांगे नहीं जाने तक शव को नहीं हटाने व पोटस्मार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। जिससे स्थिति गंभीर हो गई। जिसको लेकर मृतक का शव २४ घंटे तक मोर्चरी में ही पड़ा रहा। वहीं मामले की गंभीरता को देखते प्रशासन व धरनार्थियो के बीच कई दौर की वार्ता होने के बाद दोपहर करीब १२ बजे सांसद देवजी पटेल, भोमिया समाज के नेता ऊमसिंह चांदराई व राजपूत समाज के अध्यक्ष राव मोहनसिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर मामले को लेकर वार्ता कर समझाईश की । इस दौरान भोमिया समाज के लोगो ने मांगे नहीं जाने तक शव को हटाने से इन्कार कर दिया। जिस पर उपखंड अधिकारी मुरारीलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने धरना स्थल पर आकर समझौता वार्ता की। जिस पर प्रशासन द्वारा सहमति जताने व ग्रामीणो द्वारा पुलिस अधीक्षक को धरना स्थल पर बुलाने की मांग की गई। इस दौरन पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शर्मा करीब १२.३० बजे धरना स्थल पर पहुंचकर सांसद पटेल व भोमिया समाज के लोगो की मौजूदगी में उनकी मांगो पर सहमति जताते हुए निष्पक्ष कार्यवाही का भरोसा दिलाया। जिस पर धरने पर बैठे लोगो ने सहमति जताते हुए शव का जिला मु2यालय पर स्थित अस्पताल में पोस्मार्टम को राजी हुए। उसके बाद शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की ए6बुलैस में रखकर पुलिस सुरक्षा में जालोर भेजा गया। इस दौरान जालोर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीडी धानिया, जालेार अतिरिक्त जिला कले1टर, रानीवाड़ा उपखड अधिकारी हनुमानसिंह, सुमेरपुर डिवाईएसपी अमरङ्क्षसह चंपावत, शैतानसिंह दांतिया, सांचौर डिवाईएसपी फाऊलाल मीणा, सांचौर थानाधिकारी सुखाराम बिश्नोई, भोमिया युवा परिषद के जिलाध्यक्ष सर्जनसिंह राठौड़, हिन्दूसिंह दूठवा, रावतसिंह दुठवा, हाड़ेचा सरपंच करणसिंह, जालमसिंह, माधुसिंह विरोल सहित कई जने मौजूद थे। क्षेत्र में आन्ध्र पुलिस द्वारा दिन दहाड़े की फायरिंग की वारदात ने पुलिस की कार्यशैली को सवालो घेरे में खड़ा कर दिया। उक्त वारदात ने जहां क्षेत्र की शांति व्यवस्था को हिलाकर रख दिया। रास्ते जा रही बेकसूर वृद्धा की कुचलकर निर्मम मौत ने मानवता को शर्मशार कर दिया। वहीं दुसरी ओर क्षेत्र में बढ रही फायरिंग व अपराध की घटनाओ ने सुरक्षा व्यवस्थाओ को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। संाचौर में निरन्तर अन्तराल के साथ बढ रही अपराधिक वारदातो ने पुलिस के लिये भी चुनौति खड़ी कर दी है। शुक्रवार को हुई वारदात को लेकर जहां आन्ध्र प्रदेश पुलिस फायरिंग का खुला तांडव करती रही, वहीं स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगना पुलिस की कार्यशैली को भी सवालो के घेरे में खड़ा कर दिया है। दिन दहाड़े फायरिंग कर हत्या करना मानवता को शर्मशार करने वाली घटना है। संाचौर पुलिस थाना सीमावर्ती क्षेत्र में होने की वजह से यहां आने वाले बाहरी पुलिस तंत्र हो या अन्य किसी प्रकार की बाहरी क्षेत्र की ऐजेन्सियो को स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। किन्तु सुरक्षा की लिहाज से बने उक्त कानून का हर रोज खुला मखौल उड़ाया जाता है। जिसकी परवाह न प्रशासन को न ही कानून के रखवालो को। सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़े क्षेत्र में फायरिंग की हर रोज बढ रही वारदाते स्थानीय लोगो के लिये नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये भी चुनौति बन सकती है। वहीं दुसरी ओर सांचौर शहर के सबसे व्यस्त भीड़ भाड़ वाले सांचौर चार रास्ते पर आरोपियो को पकडऩे के ईरादे से हो या अन्य उददेश्स से अन्धाधुंध फायरिंग आम लोगो में पुलिस की साख को अवश्यक कम करता है। प्रशासन की ओर से भी उक्त मामले को लेकर गंभीरता नहीं बरतना उदासीनता को लक्षित करता है। आन्ध्र प्रदेश पुलिस की फायरिंग के बाद हुई मौत की वारदात की स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगना पुलिस के मुखबीर तंत्र के साथ खुफिया रिपोर्ट पर सवाल खड़ा होना लाजमी है। वहीं उक्त पूरे प्रकरण में जहां स्थानीय पुलिस स्वयं को अनभिज्ञ बताकर पल्ला झाडऩे का प्रयास कर ही है जो गले नहीं उतर सकता। वहीं उक्त वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। वहीं उक्त वारदात के बाद कई सवाल खड़े होने लाजमी है। आन्ध्र पुलिस टीम के लोग पिछले तीन दिनो से शहर के स्थानीय निजी होटल में ठहरे हुए थे। जिनकी सूचना स्थानीय पुलिस के पास नहीं होना संदेह पैदा करती है। जबकि होटलो या गेस्ट हाऊसो में ठहरने वाले बाहरी लोगो का रिकार्ड जांचने व सूचनाएं लेने का पुलिस का अधिकार क्षेत्र है। वहीं सीमावर्ती पुलिस थाना होने की बदौलत उक्त मामले में पुलिस के पास विशेषाधिकार है। किन्तु लचीली कार्यवाही क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियो को अवश्यक बढा रही है। पिछले माह हुए ३५ लाख लूट प्रकरण व अपहरण प्रकरण के मामले से पुलिस संभली थी कि शुक्रवार को हुई वारदात ने पुलिस की साख को एक बार फिर सवालो के घेरे में खड़ा कर दिया है। आखिर जब दिन दहाड़े फायरिंग व मौत की वारदात हो रही है। वहीं क्षेत्र में पहली बार एनकाऊंट के नाम से हुई वारदात ने लोगो को झकझौंर दिया है। आखिर उस बुढिया का 1या गुनाह था जो पेट पालने के नाम पर घर- घर से मुंठी भर अनाज से अपने परिवार का पालन पोषण करने की उ6मीदे लेकर गन्तव्य की ओर जाने वाली ६५ वर्षीय शंाता देवी ने कल्पना भी नहीं की होगी जो बीच राह में बैमौत मारी जायेगी। किन्तु शांता की हुई मौत की वारदात ने जहां मानवीयता को शर्मशार कर दिया, वहीं पुलिस की कार्यशैली को भी सवालो के घेरे में खड़ा कर दिया। तेलगांना पुलिस के खिलाफ दर्ज हुआ प्रकरण तेलगांना पुलिस द्वारा फायरिंग एनकाऊंटर मामले में भीमसिंह भाटी की मौत के मामले को लेकर सांचौर पुलिस थाने में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। भीमसिंह के साथ गाड़ी में सवार भरत कुमार पुत्र सगताराम पुरोहित उम्र ३५ वर्ष निवासी बिछावाड़ी ने प्रकरण दर्ज कर बताया कि वह शुक्रवार दिन को करीब साढे ग्याहर बजे भीनमाल निवासी भीमसिंह पुत्र शंभुसिंह का फोन आया की उन्हे गुजरात चलना है। इस दौरान वह माखुपुरा पुलिया के पास एक पेन्टर की दुकान पर बैठा था। इस दौरान मैं मेरी मोटरसाईकिल से मेहता मार्केट होते पेन्टर की दुकान पर गया। इसके पांच मिनट बाद भीमसिंह स्क्रोपियों गाड़ी लेकर भीनमाल की तरफ पेन्टर की दुकान पर आया। मैं भीमसिंह की गाड़ी में अगले वाली सीट पर बैठ गया। इस दौरान पीछे से एक सिल्वर कलर की स्क्रोपियो गाड़ी आई जो हमारी गाड़ी से २० मीटर की दूरी पर खड़ी थी। जिसमें चार आदमी उतरे । जिनमें दो जनो के हाथ में पिस्तौल थी। जिन्होने दूर से फायर शुरू कर दिया। जिस पर भीमसिंह चिल्लाया व कहा कि दुश्मन आ गये। तब वह गाड़ी लेकर भागे। इस दौरान गाड़ी भीमसिंह चला रहा था। इस दौरान हम गाड़ी लेकर सांचौर चार रास्ता की तरफ भागे। इस दौरान चार रास्ता पर भीड़ थी। फिर भी उक्त गाड़ी हमारे पीछे- पीछे आ रही थी। हमने गाड़ी रानीवाड़ा रोड़ की तरफ दौड़ाई। इस दौरान गाड़ी ने पीछे आकर हमारी गाड़ी को ट1कर मारी। इस दौरान नहर के पास फालना में वह गाड़ी पीछे रह गई। भीमसिंह के गोली लगने से हालात खराब हो गई। उसने ड्राईविंग सीट छोड़ दी। मैं ड्राईविंग सीट पर बैठ गया। फिर उस गाड़ी ने ओवरटे किया। फालना स्टेशन के पास उस गाड़ी ने ओवरटेक कर पास आई । इस दौरान तीन फायर किये। पुलिया के पास करीब १५ फायर किये थे। फालना पुलिये के पास उक्त दुसरी में सवार दो आदमी नीचे उतरे व मेरे गोली मारी जो मेरे बांये सीने पर गोली लगी व बांयी पीठ पर गोली लगी। फिर सिर पर पिस्टोल रख दी। भीमसिंह गोलिया लगने से बेहोश हो गया था। हिल नहीं रहा था। शायद खत्म हो गया था। उक्त घटना शुक्रवार दिन को करीब दो बजे की थी। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर अपराधा जुर्म धारा ३०७, ३०२/३४भादस ३/२५ आ6र्स ए1ट के तहत दर्ज किया गया।

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