मैनेजर साहब घर में खाना के लिए राशन सामग्री नहीं है,दो हजार तो दे दो ना आपका भला होगा

जागरूक टाइम्स 76 May 24, 2018
बडग़ांव। कस्बे में स्थित एक मात्र मरूधरा ग्रामीण बैक से आठ ग्राम पंचायत के लोग जुड़े हुए हैं। बैक में पिछले दो दिन से पर्याप्त कैश नहीं होने से उपभोक्ताओं कैश के लिए बैक के चक्कर लगा रहे हैं। इसी के बीच मंगलवार को बैक में दो महिलाओं शाखा प्रबंधक जितेन्द्र कुमार आगे हाथ जोड़कर कह रही थी कि मैनेजर साबह घर में खाने के लिए राशन सामग्री नहीं है दो हजार तो दे दो ना। महिलाओं का कहना था कि उनके घर में बच्चों को खिलाने के लिए राशन सामग्री नहीं है इस लिए दो हजार दे देते तो राशन सामग्री लेकर बच्चों को खाना तो खिलाते। लेकिन बैक में पिछले दो दिन से कैश नहीं होने से भुगतान लेने आने वाले उपभोक्ता खाली हाथ लौट रहे हैं। इधर,बैंककर्मी भी उपभोक्ताओं को आगे से कैश आने पर शीघ्र देने का आहश्वान देकर किसी भी तरहसमझाकर भेज रहे है। मरूधरा ग्रामीण बैक के शाखा प्रबंधक का कहना है कि आठ ग्राम पंचायतों के लोग लेनदेन के लिए बैक आते हैं आठ ग्राम पंचायतों पर एक मात्र बैक होने से भीड़ भी अधिक रहती हैं। लेकिन रानीवाड़ा में स्थित एसबीबीजे के शाखा प्रबंधक की मनमानी से उनको प्रयाप्त कैश नहीं दी जा रही है। जबकि आरबीआई ने तो पुरी कैश देने के आदेश दे रखे है,लेकिन एसबीबीजे रानीवाड़ा के शाखा प्रबंधक की मनमानी से उनको पिछले दो दिन से पर्याप्त कैश नही दी जा रही है। जिससेबैककर्मीयों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक नहीं आए ५०० के नए नोट कस्बे में स्थित मरूधरा ग्रामीण बैक व डाकघर में ५०० के नए नोट अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए है। इसके चलते भी ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो हजार का नोट बैक व डाकघर देते है,लेकिन दो हजार का लोगों को बाजार में खुल्ले पैसे नही मिलते हैं। जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। बैक में कैश नहीं फिर भी ईमरजेंसी है तो मै मेरे जैब से दो सौ रूपए दे देता हूं मंगलवार को कस्बे में स्थित मरूधरा ग्रामीण बैक में एक वृद्व महिला पैसे लेने बैक पहुंची। जैसे-तैसे कर उनका नंबर लगा तो बैक में कैश नहीं होने से बैक कैशियर ने मना कर दिया है महिला बिल्कूल निराश हो गई और शाखा प्रबंधक जितेन्द्र कुमार के पास पहुंची। शाखा प्रबंधक ने बैक में तो कैश है नही अब तो दुरा कोई रास्ता नहीं है मै मेरे जैब से दो सौ रूपए दे देता हूं। और तो क्या कर सकता। वहीं वगतापुरा निवासी एक किसान गेमाराम चौधरी बैक पहुंचा मैनेजर साबह से कह रहा था कि साहब मेरे बहिन के मायरा लेकर जाना है क्या पैसे मिलेगें। लेकिन मैनेजबर साहब ने तो मना नहीं किया हालांकि उन्होने यह जरूर कहा है पैसे बैक में आ गए तो दे देगूंनहीं आए तो कैसे दुगा। साथ उन्होने यह भी कहा चैक बूक लेकर जाओं और मायरा में बहिन के नाम का चैक काटकर दे देना काम हो जाएगा। करेंसी देनी चाहिए थी उसकी चौथाई भी नहीं देते हैं। आरबीआई से जितनी कैश देने का आदेश है उसकी चौथाई भी रानीवाड़ा एसबीबीजे से कैश नहीं दि जा रही है। बैक को पर्याप्त करेंसी नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं को भुगतान करना मुश्किल हो गया हैं। सोमवार को जैसे-तैसे कर काम चलाए,लेकिन मंगलवार को बिल्कूल कैश नहीं होने से काफी परेशानी हुई है। उपभोक्ताओं को जवाब दे-दे कर थक गए। -जितेन्द्र कुमार,शाखा प्रबंधक मरूधरा ग्रामीण बैक बडग़ांव।

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