गुजरात से आते है झोलाछाप, यहां बन जाते है डॉक्टर

जागरूक टाइम्स 656 Jul 9, 2019

सांचौर : क्षेत्र के अधिकांश आज भी दर्जनो गांव ऐसे है जहां चिकित्सा सुविधा क अभाव में झोलाछाप मरिजो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते है। जिसकी जानकारी प्रशासन को होने के बावजूद विभाग की ओर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। गुजरात आने वाले झोलाछाप अनजान क्षेत्र में डॉक्टर बन बैठ जाते है। जिसको लेकर न प्रशासन उससे पूछताछ करता है और न ही ग्रामीाणो को उनकी जानकारी होती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगो की सराफत का फायदा उठाकर फर्जी डॉक्टर बन बैठे झोलाछाप बीमारियो को ठीक हीं नहीं करते है ब्लकि अवैध रूप से मेडिकल स्टोर भी संचालित करते है। जहां मरिजो को बिना प्रमाणित दवाईयां भी उपलब्ध करवाई जाती है।

विभाग की इस उदासीनता का खामियाजा लोगो जान गंवाकर चुकाना पड़ता है। झोलाछापो द्वारा गलत ईलाज करने से गत साल सितम्बर में पांचला में एक महिला की मौत हो गई थी। जिसका प्रंकरण सांचौर पुलिस थाने में दर्ज होने के बावजूद दोषी झोलाछाप पुलिस एक साल गुजरने के बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है। गुजरात की सीमा से सटे गावों को झोलाछापो ने ईलाज का ठिकाना बना रखा है। गुजरात से सटे सुरावा, दुगावा, नैनोल, पांचला, कांटोल, लुणियासर विरोल, पीरो की जाल सहित अन्य गांवो में झोलाछाप बैखौफ मरिजो का ईलाज करते है। जिसमें अधिकांश झोलाछाप पड़ोसी गुजरात के गांवो से यहां आकर मरिजो को चिकित्सक बताकर गुमराह कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते है। पांचला के बाद सुरावा में गिरफ्तार किया गया झोलाछाप भी गुजरात के पड़ोसी गांवो का है, वहीं दुगावा सहित अन्य गांवो में ईलाज के नाम अवैध क्लीनिक चलाने वाले भी गुजरात से आये झोलाछाप ही है जो कार्यवाही के अभाव में मरिजो से चंादी काट रहे है।

केस नम्बर 1- 4 सितम्बर को क्षेत्र के पांचला ग्राम में झोलाछाप डॉक्टर विरभान चौधरी के गलत ईलाज से कुड़ा निवासी झीणी देवी पत्नी ताराराम प्रजापत का गलत ईलाज करने से मौत हो गई थी। जिसे सामान्य बुखार के दौरान गलत ईजेक्शन देने से महिला की मौत हो गई थी। जिसका प्रकरण संाचौर पुलिस थाने में दर्ज है। जिसकी गिरफ्तारी को लेकर पिछली बार सीएलजी सदस्यो की बैठक में भी मुददा उठाया गया था। हालांकि उक्त प्रकरण में चिकित्सा विभाग ने उक्त क्लीनिक को सीज करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की है। वहीं घटना के बाद आरोपी आज भी पुलिस गिरफ्त से दूर है।

केस नम्बर 2 - क्षेत्र के सुरावा गांव में 21 अक्टूम्बर 2016 को तत्कालीन ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम जिसमें डॉ. रविन्द वर्मा, डॉ. अभिषेक लेघा ने अलग- अलग ठिकानो पर दंबिश दी। जिसमें सुरावा में पिछले लंबे समय से बिना डिग्री लोगो का ईलाज कर मरिजो के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोला छाप को गिरफ्तार कर मामला दर्ज करवाया गया। जिसके पास से मरिजो के ईलाज करने के नाम पर 60 से ज्यादा प्रकार की अवैध दवाइयां व टेबलेट जब्त की। जिसमें उपयोग ली गई ड्रीप, नीडल बरामद कर मामला दर्ज किया गया है। जिसमें तत्कालीन ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विभाराम चौधरी द्वारा दर्ज करवाये प्रकरण में परबतसिंह पुत्र मंगलङ्क्षसह गांव सिया तालुका धानेरा के खिलाफ अवैध डिग्री के नाम पर ऐलोपैथी ईलाज कर मरिजो की जान जोखिम में डालने का प्रकरण दर्ज करवाया गया था।
सुथाना में झोलाछाप के खिलाफ कार्यवाही को लेकर बीसीएमओ को किया था एपीओ- गुजरात की सीमा से सटे सुथाना गांव में झोलाछाप के खिलाफ कार्यवाही को लेकर दो माह पूर्व तत्कालील ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी व जिला प्रमुख के बीच कार्यवाही के मुददे को लेकर तनातनी हो जाने से तत्कालीन बीसीएमओ को एपीओ होना पड़ा था। जिसके बावजूद भी अभी तक क्षेत्र में झोलाछाप पूर्ण सक्रिय है।



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